
अमेरिका ने अगर ईरान पर हमला किया तो क्या होगा? 6 पॉइंट्स में समझें
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मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.
अमेरिका मध्य पूर्व में लगातार अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. हाल के दिनों में अतिरिक्त युद्धपोत, फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती ने संकेत दिए हैं कि अगर कूटनीतिक वार्ता विफल होती है, तो सैन्य विकल्प अपनाया जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी इस बात को लगातार दोहरा रहे हैं.
अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमले का आदेश देते हैं, तो इसका असर सिर्फ ईरान तक ही सीमित नहीं रहेगा. सुप्रीम लीडर अली खामेनेई कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि ऐसी स्थिति में पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है.
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माना जाता है कि अगर हमले होते भी हैं तो यूएस के संभावित टारगेट क्या होंगे ये तय है लेकिन इसके नतीजे को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं. यहां सात संभावित हालात हैं जो इस संकट की दिशा तय कर सकते हैं.
1. ईरान पर सीमित हमले और राजनीतिक बदलाव
अमेरिका ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े ठिकानों, मिसाइल साइट्स और परमाणु कार्यक्रम के हिस्सों पर टारगेटेड हवाई और नौसैनिक हमले कर सकता है. संभावना भी यही जताई जा रही है कि अमेरिकी गठबंधन के टारगेट पर ईरानी लीडरशिप ही होगा. इस स्थिति में ईरानी नेतृत्व कमजोर पड़ सकता है और सत्ता परिवर्तन की राह खुल सकती है. हालांकि, इराक और लीबिया के उदाहरण बताते हैं कि शासक हटने के बाद भी लंबे समय तक अस्थिरता बनी रह सकती है.

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