
'वो साइकोपैथ था, मुझे लालच दिया और...', एपस्टीन केस की सर्वाइवर रीना ने बयां की खौफनाक दास्तां
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इंडिया टुडे टीवी से खास बातचीत में रीना ओह ने एपस्टीन को एक 'रेंजिंग नार्सिसिस्ट' और 'साइकोपैथ' बताया. उन्होंने दावा किया कि एपस्टीन ने उनके साथ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक शोषण के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकाकर वर्षों तक चुप रहने पर मजबूर किया.
कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की शिकार रहीं रीना ओह ने दशकों बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उन भयावह पलों को साझा किया है, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी. इंडिया टुडे टीवी से खास बातचीत में रीना ने एपस्टीन को एक 'रेंजिंग नार्सिसिस्ट' (अत्यधिक आत्ममुग्ध) और 'साइकोपैथ' बताया. उन्होंने दावा किया कि एपस्टीन ने उनके साथ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक शोषण के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकाकर वर्षों तक चुप रहने पर मजबूर किया.
न्यूयॉर्क में रहने वाली 40 वर्षीय रीना ओह ने बताया कि 1990 के आखिर में जब वह 21 साल की एक संघर्षरत आर्ट स्टूडेंट थीं, तब उनकी मुलाकात एपस्टीन से हुई थी. उसने उन्हें बिना किसी शर्त के स्कॉलरशिप का लालच देकर अपने जाल में फंसाया. ओह के अनुसार, 'एपस्टीन ने कहा कि यह बिना किसी शर्त की स्कॉलरशिप है और मुझे उनसे दोबारा मिलने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन इसके बाद वह बार-बार बुलाने लगे. जब मैंने मिलने में रुचि नहीं दिखाई तो स्कॉलरशिप वापस लेने की धमकी देने लगे.'
एपस्टीन के फ्लोरिडा आवास का किस्सा बताया
रीना ने याद किया कि जब फ्लोरिडा स्थित एपस्टीन के आलीशान घर में पहुंची तो उन्हें ऐहसास हुआ कि स्थिति गंभीर है. उन्हें अलग-थलग रखा गया था और वह असहज महसूस कर रही थीं. उन्होंने कहा, 'मुझे सच में नहीं पता था कि मैं कहां हूं. देश के उस हिस्से में यह मेरा पहला अनुभव था. वहां एक और लड़की थी. दूसरे लोग एस्टेट में आसानी से आ-जा सकते थे. लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी. मेरे पास कोई ट्रांसपोर्टेशन नहीं था और न ही पैसे थे.'
उन्होंने एपस्टीन के घर के बारे में बात करते हुए बताया कि ज़्यादातर विजिटर मसाज रूम में जाते थे. उनकी कॉफी टेबल पर रखी किताबों, उनके हाव-भाव, उनके फोन कॉल्स को देखकर, उन्हें जल्दी ही एहसास हो गया कि इस आदमी (एपस्टीन) में कुछ गड़बड़ है. उन्होंने कहा, 'उसने विदेश में की गई कुछ चीज़ों के बारे में बताया और फिर मुझे धमकी दी कि अगर मैंने कभी किसी को बताया तो वह मुझे शारीरिक नुकसान पहुंचाएगा.'
रीना ने एपस्टीन को 'रेंजिंग नार्सिसिस्ट' व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह लोगों पर साइकोलॉजिकल दबाव बनाकर कंट्रोल करता था. यह केवल शारीरिक शोषण नहीं था, बल्कि मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न भी था. ऐसे अनुभव से उबरने में कई दशक लग सकते हैं.

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