
सलमान आगा के रन आउट पर इतना हंगामा क्यों? 78 साल में ये 4 विवाद समझा देंगे नियम और खेल भावना की पूरी कहानी
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बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच हुए दूसरे वनडे मुकाबले में सलमान अली आगा के विवादित रन आउट ने एक बार फिर 'स्पिरिट ऑफ क्रिकेट' की बहस छेड़ दी है. मैदान पर हुई इस घटना के बाद क्रिकेट फैन्स और विशेषज्ञ दो खेमों में बंट गए हैं. लेकिन सच तो ये है कि ये बहस दशकों पुरानी है.
क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी एक छोटा सा फैसला बड़ा विवाद बन जाता है. मीरपुर (ढाका) के शेर-ए बांग्ला नेशनल स्टेडियम में 13 मार्च (शुक्रवार) को ऐसा ही विवाद हुआ, जो तमाशा बन गया. एक रन-आउट से पूरे स्टेडियम का माहौल गरम हो गया. कमेंट्री बॉक्स से सोशल मीडिया तक इस विवाद को लेकर बहस छिड़ गई. फैन्स और एक्सपर्ट्स बंट गए. किसी ने खेल भावना को आहत करने वाला फैसला बताया तो किसी ने 'नो स्पोर्टमैन स्पिरिट' कहा. आइए बताते हैं कि ये विवाद कैसे शुरू हुआ, और पहले ऐसे कितने खेल भावना को आहत रन आउट हुए हैं.
दरअसल, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच इन दिनों वनडे सीरीज चल रही है. 13 मार्च को दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला खेला जा रहा था. इस मुकाबले में विवाद पहली पारी के 39वें ओवर में शुरू हुआ. पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी कर रही थी. हुआ ये कि मोहम्मद रिजवान ने बांग्लादेशी बॉलर मेहदी हसन मिराज की गेंद पर सामने की तरफ शॉट खेला. दूसरे एंड पर सलमान आगा क्रीज से थोड़ा बाहर थे, तभी गेंद उनसे टकरा गई. सलमान गेंद को बल्ले से अपने पास खींचकर उसे उठाकर गेंदबाज को देने की तैयारी में थे, लेकिन तभी मिराज ने गेंद लेकर स्टम्प पर मार दी. बांग्लादेशी फील्डरों ने अंपायर से आगा को आउट करार देने की अपील की. फील्ड अंपायर ने इसे थर्ड अंपायर को रेफर कर दिया. थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया.
इस फैसले से सलमान आगा आगबबूला हो गए और पवेलियन लौटते वक्त ग्लव्स और हेलमेट फेंक दिए. इस हरकत पर उनकी जमकर फजीहत हुई, लेकिन कई लोग उनके समर्थन में भी आए. टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने इस पूरे विवाद पर आगा का समर्थन किया. कैफ ने बांग्लादेशी कप्तान मेहदी हसन मिराज की हरकत को गलत बताया. कैफ ने कहा कि ये बिल्कुल सही नहीं था. विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है. बिना खेल भावना के खेल नहीं है.
इधर, प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान आगा ने कहा कि रन आउट नियमों के मुताबिक था, लेकिन जब खेल भावना की बात आती है तो उसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. आगा ने आगे कहा कि मेहदी हसन मिराज की जगह मैं होता तो ऐसा कभी नहीं करता. वहीं, बांग्लादेश के स्पिन बॉलिंग कोच मुश्ताक अहमद का मानना था कि कप्तान मेहदी हसन मिराज ने कुछ भी गलत नहीं किया. सब कुछ बहुत जल्दी में हुआ. मुझे लगता है कि उस वक्त दोनों खिलाड़ियों में से किसी की भी गलती नहीं थी. सलमान उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन मिराज खेल में पूरी तरह डूबे हुए थे.
वैसे नियमों के मुताबिक सलमान आगा आउट थे, लेकिन कई खिलाड़ियों और फैन्स का कहना है कि कप्तान को खेल भावना दिखाते हुए वॉर्निंग देनी चाहिए थी. यही वजह है कि सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई कि ये सही था या नहीं? हालांकि ऐसे विवादित रन आउट का नजारा पहली बार नहीं दिखा है, इससे पहले भी कई बार रन आउट पर हंगामा मच चुका है.
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