
सबसे बड़ी जीत डॉ. राजेंद्र प्रसाद तो सबसे छोटी वीवी गिरी के नाम, जानें 15 राष्ट्रपति चुनावों के रिकॉर्ड
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एनडीए की द्रौपदी मुर्मू देश की नई राष्ट्रपति चुन ली गईं हैं. इस चुनाव में मुर्मू की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 28 फीसदी से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया है. द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति बनकर तीन रिकॉर्ड बना दिए हैं. जानें अब तक के सभी राष्ट्रपतियों की खास बातें...
द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) देश की 15वीं राष्ट्रपति चुन ली गईं हैं. वो देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी. चुनाव आयोग के मुताबिक, मुर्मू को 6,76,803 यानी 64.03% वोट मिले हैं. जबकि, विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3,80,177 यानी 35.97% वोट मिले.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग हुई थी. इसमें 99% वोट पड़े थे. 771 सांसद और 4,025 विधायकों ने वोट डाला था. छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, पुडुचेरी, सिक्किम और तमिलनाडु में 100% विधायकों ने वोट दिया था.
अब मुर्मू 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. शपथ ग्रहण समारोह संसद के सेंट्रल हॉल में होगा. उन्हें चीफ जस्टिस एनवी रमणा शपथ दिलाएंगे.
इस चुनाव में पहले से ही मुर्मू की जीत तय मानी जा रही थी. क्रॉस वोटिंग ने भी उनकी जीत का अंतर बढ़ा दिया. उन्होंने 28 फीसदी से ज्यादा वोटों के अंतर से ये चुनाव जीता है. हालांकि, देश में सबसे ज्यादा अंतर से जीत का रिकॉर्ड पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम है. उन्होंने 1957 के चुनाव में 98.4% वोटों के अंतर से चुनाव जीता था. मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 31.3% वोटों के अंतर से जीते थे.
देश के सभी राष्ट्रपति चुनावों की खास-खास बातें
- राजेंद्र प्रसादः देश के पहले ऐसे नेता जो लगातार दो बार राष्ट्रपति चुने गए. पहली बार 1952 और दूसरी बार 1957 में. राजेंद्र प्रसाद के नाम सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है. 1957 के चुनाव में उन्हें 99% वोट मिले थे.

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