
सड़क पर कीलें, कंक्रीट की दीवार और थ्री लेयर बैरेकेडिंग... पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी
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अंबाला, हरियाणा और दिल्ली-हरियाणा के शंभु बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है. यहां किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे 101 किसानों का एक 'जत्था' दिल्ली की ओर कूच करेगा. किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद एक बार फिर, सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के साथ किसानों को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.
आंदोलनरत किसान शंभू बॉर्डर से कल यानी रविवार को फिर दिल्ली की ओर कूच करेंगे. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि आज हमारे विरोध प्रदर्शन के 299 दिन पूरे हो गए हैं, और कल हम 300 दिन पूरे कर लेंगे. आज हमने घायल किसानों से मुलाकात की, जिनमें से एक की सुनने की शक्ति चली गई है. उन्होंने कहा कि शंभू बॉर्डर पर शुक्रवार (6 दिसंबर) को हरियाणा पुलिस से हुई झड़प में 16 किसान घायल हुए हैं और अगर हम मामूली रूप से घायलों को भी शामिल करें तो यह संख्या करीब 25 हो सकती है.
किसानों को रोकने के लिए तैयारी अंबाला, हरियाणा और दिल्ली-हरियाणा के शंभु बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है. यहां किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे 101 किसानों का एक 'जत्था' दिल्ली की ओर कूच करेगा. किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद एक बार फिर, सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के साथ किसानों को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.
कील के पैटर्न वाले ब्रेकर और बैरियर इस तैयारी के वीडियो X पर सामने आए हैं. जिसमें कुछ कारीगर वेल्डिंग करते दिख रहे हैं. वहीं किसानों को रोकने के लिए कील के पैटर्न वाले बैरियर और ब्रेकर लगाए जाते दिख रहे हैं. बता दें कि इससे पहले भी जब साल की शुरुआत में किसानों ने दिल्ली कूच किया था, तब भी उन्हें रोकने के लिए ऐसी ही तैयारियां की गई थीं.
सरवन सिंह पंधेर बोले- नहीं मिला कोई मैसेज पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार से उनकी मांगों पर बातचीत के लिए कोई मैसेज नहीं मिला है. उन्होंने घोषणा की कि 101 किसानों का एक जत्था 8 दिसंबर को दोपहर में शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के लिए फिर से कूच करेगा. शुक्रवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली की ओर बढ़ने का प्रयास किया था, लेकिन हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे. इस दौरान 16 किसान घायल हो गए, जिनमें से एक किसान की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है.
पंधेर ने बताया कि चार गंभीर रूप से घायल किसानों को छोड़कर बाकी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "मोदी सरकार बातचीत करने के मूड में नहीं है."
हरियाणा के डीजीपी ने लिखी पंजाब के डीजीपी को चिट्ठी हरियाणा के डीजीपी ने पंजाब के डीजीपी को एक चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया है कि मीडिया कर्मियों को प्रदर्शन स्थल से कम से कम 1 किमी की दूरी पर रखा जाए ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके. चिट्ठी में 6 दिसंबर को शंभू बॉर्डर पर किसानों के मार्च के दौरान हरियाणा पुलिस को जिस स्थिति और चुनौती का सामना करना पड़ा, उसका हवाला दिया गया है. किसानों के 101 सदस्यीय समूह द्वारा किए गए इस मार्च को कंट्रोल करने में पुलिस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में समस्या आई.

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