
संसद में अब ‘जुमलाजीवी’, ‘विनाश पुरुष’, ‘तानाशाह’, ‘तड़ीपार’ जैसे शब्द नहीं बोले जा सकेंगे
The Wire
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले लोकसभा सचिवालय ने ‘असंसदीय शब्द 2021’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों एवं वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है, जिन्हें ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है. इस क़दम पर विपक्ष ने कहा है कि मोदी सरकार की सच्चाई बताने वाले सभी शब्द अब ‘असंसदीय’ माने जाएंगे.
नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सदस्य अब चर्चा में हिस्सा लेते हुए ‘जुमलाजीवी’, ‘बाल बुद्धि सांसद’, ‘शकुनी’, ‘जयचंद’, ‘लॉलीपॉप’, ‘चांडाल चौकड़ी’, ‘गुल खिलाए’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. मोदी सरकार की सच्चाई दिखाने के लिए विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी शब्द अब 'असंसदीय' माने जाएंगे। Session begins in a few days This. pic.twitter.com/TiD3OFTmxY You mean I can’t stand up in Lok Sabha & talk of how Indians have been betrayed by an incompetent government who should be ashamed of their hypocrisy? https://t.co/LYznOtsHFe Baith jaiye. Baith Jaiye. Prem se boliye.
इस सूची में ‘चमचा’, ‘चमचागीरी’, ‘चेला’, ‘शर्म’, ‘दुर्व्यवहार’, ‘नाटक’, ‘पाखंड’ और ‘अक्षम’ जैसे शब्द भी शामिल किए गए हैं. ‘अराजकतावादी’, ‘तानाशाही’, ‘तानाशाह’, ‘जयचंद’, ‘विनाश पुरुष’, ‘निकम्मा’, ‘खालिस्तानी’, ‘दोहरा चरित्र’, ‘नौटंकी’, ‘ढिंडोरा पीठना’, ‘बहरी सरकार’ को भी असंसदीय शब्दों की सूची में रखा गया है. अब आगे क्या विषगुरु? pic.twitter.com/FeMagK67qR GAG ORDER ISSUED ON MPs. — Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) July 14, 2022 — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 13, 2022 New list of unparliamentary words for LS & RS does not include Sanghi.
इसके अलावा ‘दंगा’, ‘दलाल’, ‘दादागीरी’, ‘बेचारा’, ‘विश्वासघात’, ‘संवेदनहीन’, ‘मूर्ख’, ‘पिट्ठू’ और ‘यौन उत्पीड़न’ जैसे शब्दों को भी असंसदीय माना जाएगा. ऐसे शब्दों के प्रयोग को अमर्यादित आचरण माना जाएगा और वे सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे. — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 14, 2022 Now, we will not be allowed to use these basic words while delivering a speech in #Parliament : Ashamed. Abused. Betrayed. Corrupt. Hypocrisy. Incompetent Basically govt taken all words used by opposition to describe how BJP destroying India & banned them.
दरअसल, लोकसभा सचिवालय ने ‘असंसदीय शब्द 2021’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों एवं वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है, जिन्हें ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है. I will use all these words. Suspend me. Fighting for democracy https://t.co/ucBD0MIG16 — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 14, 2022

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?

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बीते शुक्रवार मध्य प्रदेश के शिवपुरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर गैस सिलेंडर की कथित किल्लत पर कटाक्ष करने वाले सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित शिक्षक ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं.


