
'शीशमहल', मोहल्ला क्लीनिक और शराब पॉलिसी... CAG की 14 रिपोर्ट्स में क्या है जिसपर पेशी से पहले बवाल मचा हुआ है?
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रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड वाले बंगले को और बड़ा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करके कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी उसमें मिला लिया गया था.
दिल्ली में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार आज विधानसभा में CAG रिपोर्ट पेश करेगी, जिसमें पिछली AAP सरकार के दौरान मुख्यमंत्री आवास और मोहल्ला क्लीनिक्स के रिनोवेशन में कथित अनियमितताओं सहित अन्य मुद्दों पर खुलासे के दावे किए जा रहे हैं. रिपोर्ट में उसी बंगले का जिक्र है, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहते थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड वाले बंगले को और बड़ा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करके कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी उसमें मिला लिया गया था.
रिपोर्ट के मुताबिक, 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर मुख्यमंत्री आवास के मरम्मत कार्य के लिए, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने टाइप VII और VIII आवास के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा प्रकाशित प्लिंथ एरिया दरों को अपनाकर 7.91 करोड़ रुपये का बजट एस्टीमेट बनाया था. दिल्ली लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कार्य को अति आवश्यक घोषित किया गया था. इस बंगले के रिनोवेशन का पूरा काम कोरोना काल के दौरान संपन्न हुआ था.
एस्टीमेट से 342% ज्यादा खर्च में बना CM बंगला
6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सीएम आवास के रिनोवेशन का जब काम पूरा हुआ, तो इस पर कुल 33.66 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो एस्टीमेटेड कॉस्ट से 342.31 प्रतिशत अधिक था. ऑडिट में पाया गया कि कंसल्टेंसी वर्क के लिए पीडब्ल्यूडी ने तीन कंसल्टेंसी फर्मों का चयन रिस्ट्रिक्टेड बीडिंग के जरिए करने के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया.
बंगले के रिनोवेशन में हुए खर्च को उचित ठहराने के लिए PWD ने कंसल्टेंसी वर्क की एक वर्ष पुरानी दरों को अपनाया और इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया. रिनोवेशन वर्क के लिए PWD ने फिर से रिस्ट्रिक्टेड बीडिंग का सहारा लिया और VIP इलाकों में ऐसे बंगले बनाने का अनुभव रखने वाले 5 कॉन्ट्रैक्टर्स का चयन उनकी वित्तीय स्थिति और संसाधनों के आधार पर कर लिया. हालांकि, ऑडिट में पाया गया कि जिन 5 ठेकेदारों को सीएम आवास के मरम्मत का कार्य सौंपा गया था, उनमें से सिर्फ एक के पास ऐसा बंगला बनाने का अनुभव था, जो दर्शाता है कि रिस्ट्रिक्टेड बीडिंग के लिए अन्य 4 कॉन्ट्रैक्टर्स का चयन मनमाने ढंग से किया गया था.
CM आवास के दायरे को 36 फीसदी बढ़ाया गया

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