
शीना बोरा हत्याकांड: इंद्राणी मुखर्जी को जमानत के लिए जमा करना होगा 2 लाख का बांड
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सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को बुधवार को जमानत दे दी. वे अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद से मुंबई के भायखला महिला जेल में बंद हैं. मुखर्जी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए.
सुप्रीम कोर्ट से इंद्राणी मुखर्जी को उनकी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में बुधवार को जमानत मिल गई. वह मामले में मुख्य आरोपी है. हालांकि, इंद्राणी मुखर्जी को 2 लाख रुपये का बांड जमा करना होगा फिर वो जेल से छूटेंगी. उनकी वकील जमानत की शर्तों को अंतिम रूप देने और मुखर्जी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को विशेष सीबीआई अदालत का दरवाजा खटखटाने की कोशिश करेंगी.
इंद्राणी मुखर्जी की वकील को न्यायालय के जमानत आदेश के साथ सीबीआई अदालत के समक्ष अनुरोध करना होगा जिसमें, सीबीआई अदालत जमानत की शर्तें तय करेगी (जैसे कि जांच में सहयोग करना) और व्यक्तिगत बांड और एक या अधिक जमानत मांगना. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुखर्जी रिहाई सुनिश्चित हो सकेगी. आरोपी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित निर्देशों और शर्तों का पालन करना होगा.
इंद्राणी की वकील को आरोपी को जमानत के लिए नकद जमानत पर रिहा करने का अनुरोध करना होगा, जब तक कि आरोपी सॉल्वेंट जमानत प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हो जाता है. बांड जमा करने के बाद मुखर्जी को जमानत मिल जाएगी.
इंद्राणी मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद से मुंबई के भायखला महिला जेल में बंद हैं. इंद्राणी मुखर्जी की ओर से अदालत में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए. रोहतगी ने कहा कि मुकदमे में सुनवाई जल्द पूरी नहीं होने वाली है, क्योंकि इसमें अभी बड़ी संख्या में गवाहों का परीक्षण किया जाना बाकी है.
क्या था मामला 23 मई, 2012 को स्थानीय पुलिस को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक क्षत-विक्षत शव मिला. बाद में सीबीआई ने दावा किया कि यह शीना का शव है. 21 अगस्त, 2015 को इंद्राणी मुखर्जी के पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय को पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया. उसने पुलिस को तीन साल पहले शीना की हत्या और अपराध में इंद्राणी की कथित संलिप्तता के बारे में बताया.
इसके बाद 25 अगस्त, 2015 को इंद्राणी मुखर्जी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया. 26 अगस्त, 2015 को इंद्राणी मुखर्जी के पूर्व पति संजीव खन्ना को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया. 19 नवंबर, 2015 को इंद्राणी के तत्कालीन पति पीटर मुखर्जी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया. इसके बाद मामला कोर्ट में गया और सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी के लगभग सात साल बाद जमानत दी.

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