
'शर्मनाक! पैसों के लिए कश्मीर छोड़ रहे', शहबाज शरीफ की पीएम मोदी से अपील पर भड़के इमरान खान
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर एक बार फिर हमला बोला है. इमरान खान ने शहबाज शरीफ को पैसे का पुजारी बताया है. इसके अलावा इमरान खान ने पाकिस्तान की माली हालत के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटार्यड) कमर जावेद बाजवा को जिम्मेदार ठहराया है.
आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे पाकिस्तान ने भारत से बातचीत की इच्छा जाहिर की थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक इंटरव्यू के माध्यम से पीएम मोदी से बातचीत की अपील की थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की पीएम मोदी से बातचीत की अपील पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए पैसे का पुजारी बताया है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर हमला बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि जब कोई पैसे की पूजा करने वाला किसी विचारधारा या विश्वास की भी परवाह नहीं करता है, तो यह हमारे लिए शर्मनाक बात है.
इमरान खान ने कहा, उन्हें (शहबाज शरीफ) यह पता नहीं है कि हमारे राष्ट्रपिता (founding fathers) ने पाकिस्तान के सपने को हासिल करने के लिए कितना संघर्ष और बलिदान दिया है. लेकिन सिर्फ इंडियन लॉबी का समर्थन पाने के लिए वह (शहबाज शरीफ) कश्मीरी स्वतंत्रता संघर्ष को दफनाने के लिए तैयार है जिसमें एक लाख से अधिक कश्मीरियों ने अपनी जान दी है.
इमरान खान भले ही अभी शहबाज शरीफ की पीएम मोदी से बातचीत की अपील का विरोध कर रहे हैं. लेकिन हकीकत यह है कि जब उनकी भी सरकार थी तो भारत से बातचीत की अपील कर चुके हैं.
मौजूदा आर्थिक तंगहाली के लिए शहबाज सरकार को ठहराया दोषी
पाकिस्तान की मौजूदा खस्ता हालत के लिए इमरान खान ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटार्यड) कमर जावेद बाजवा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदा सरकार खरीद-फरोख्त के जरिए सत्ता में आई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.








