
'रूसी तेल नहीं लेने दूंगा', पूरी दुनिया को छूट देकर इस छोटे देश से क्यों भिड़े ट्रंप
AajTak
अमेरिका ने क्यूबा पर ऊर्जा नाकेबंदी कड़ी कर दी है, जिससे क्यूबा गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा को रूस से कच्चा तेल लेने से रोक दिया है. इस बीच रूस के दो तेल-गैस टैंकर क्यूबा की तरफ बढ़ रहे हैं जिससे तनाव बढ़ गया है.
अमेरिका ने कैरेबियाई द्वीप देश क्यूबा को हर तरह से मजबूर कर रखा है. ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा की पूरी तरह ऊर्जा नाकेबंदी कर दी है और किसी भी देश को उसे तेल या गैस सप्लाई नहीं करने दे रहे. ऐसे में क्यूबा बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है और पूरा देश ब्लैकआउट की स्थिति में है. क्यूबा की मदद को पहले चीन आया था और अब रूस के दो टैंकर छिपकर क्यूबा की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन समुद्री खुफिया एजेंसियों की नजर टैंकरों पर पड़ गई और अमेरिका ने साफ कह दिया है कि क्यूबा को रूस से कच्चा तेल लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
गुरुवार को जारी एक जनरल लाइसेंस में ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने क्यूबा को उन देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन्हें रूस से आने वाले कच्चे तेल या पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री, डिलीवरी से जुड़े लेन-देन से रोका जाएगा.
अमेरिका ने पिछले हफ्ते समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद को अस्थायी रूप से मंजूरी दी थी, ताकि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के दौरान ऊर्जा बाजार को स्थिर रखा जा सके.
लेकिन अमेरिका ने अब कहा है कि रूसी तेल की खरीद को लेकर यह छूट क्यूबा पर लागू नहीं होती है. समुद्री खुफिया एजेंसियां रूस का तेल और गैस लेकर क्यूबा की ओर बढ़ रहे दो टैंकरों पर नजर रख रही हैं.
अमेरिकी तेल प्रतिबंध के कारण लगातार बिजली कटौती और बिगड़ती आर्थिक स्थिति से जूझ रहा क्यूबा, सोवियत संघ के पतन के बाद अपने सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि वो किसी भी तरह से क्यूबा पर कब्जा करेंगे.
रूस ने क्यूबा को समर्थन देने का वादा किया है

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.










