
युद्ध के बीच ईरानी हैकर्स पर अमेरिका का एक्शन, साइबर नेटवर्क के 4 डोमेन सीज
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरानी हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके चार डोमेन को सीज कर दिया है. बीते दिनों हंडाला ने अमेरिकी मेडिकल कंपनी स्ट्राइकर पर मैलवेयर हमला किया था और इजरायली अधिकारियों के डेटा को लीक किया था. FBI ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटरों के लिए चेतावनी बताया है.
मिडिल ईस्ट में जारी मिसाइल हमलों और हवाई हमलों के बीच अमेरिका ने ईरानी हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' के खिलाफ डिजिटल युद्ध छेड़ दिया है. अमेरिकी न्याय विभाग ने हंडाला से जुड़े चार प्रमुख डोमेन को सीज (जब्त) कर लिया है जो अमेरिकी कंपनियों और इजरायली अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. बताया जा रहा है कि हैकिंग का दावा वायरल होने के बाद अमेरिकी सरकार ने ईरानी साइबर नेटवर्क के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के उद्देश्य से ये बड़ा कदम उठाया है. वहीं, FBI ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटरों के लिए चेतावनी बताया है. अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि ईरान की खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी (MOIS) से जुड़े चार डोमेन- Justicehomeland[.]org, Handala Hack[.]to, Karmabelow80[.]org और Handala Redwanted[.]to को सीज कर लिया गया है. ये डोमेन हैंडाला (Handala) नामक ग्रुप द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे थे, जिसने हाल ही में अमेरिकी मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी Stryker पर विनाशकारी मैलवेयर हमला किया था. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये डोमेन हैकिंग क्लेम करने, चोरी किए गए संवेदनशील डेटा को डंप करने और ईरानी शासन के दुश्मनों (जैसे असंतुष्ट, पत्रकारों और इजरायली नागरिकों) को धमकियां देने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. DOJ ने इसे 'साइबर-सक्षम मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन' (Cyber Enabled Psychological Operations) करार दिया है.
हंडाला का नेटवर्क हंडाला हैकिंग ग्रुप ने 11 मार्च को जब्त किए गए एक डोमेन के जरिए अमेरिकी मेडिकल दिग्गज 'स्ट्राइकर' पर हमले की जिम्मेदारी ली थी. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये समूह 'कर्मा बिलो' और 'जस्टिस होमलैंड' जैसे छद्म नामों के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है. हंडाला ने न केवल इजरायली सैन्य अधिकारियों का डेटा लीक किया, बल्कि एक अमेरिकी रक्षा तकनीक फर्म के दो अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए अपने अनुयायियों से आह्वान भी किया था. अधिकारियों के अनुसार, इन वेबसाइटों का उपयोग चोरी किए गए डेटा को सार्वजनिक करने और शासन के विरोधियों, पत्रकारों व इजरायलियों को डराने-धमकने के लिए किया जा रहा था. हंडाला के सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (@hprnew) को भी निलंबित कर दिया गया है, जिससे उनके सार्वजनिक प्रचार तंत्र को भारी चोट पहुंची है.
FBI की चेतावनी
FBI डायरेक्टर कैश पटेल ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटर्स के लिए चेतावनी बताया. उन्होंने कहा, 'ईरान को लगा कि वो फर्जी वेबसाइटों और कीबोर्ड के जरिए दी जाने वाली धमकियों के पीछे छिपकर अमेरिकियों को डरा सकते हैं और अपने यहां उठ रही आवाज को दबा सकते हैं. हमने उनके ऑपरेशन के चार मुख्य पिलरों को ध्वस्त कर दिया है.' पटेल ने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है और अमेरिका अपने दुश्मनों का पीछा जारी रखेगा.
वेबसाइट ने जारी किया बयान वहीं, अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद हंडाला ने अपनी नई वेबसाइट और टेलीग्राम चैनल के जरिए पलटवार किया है. हैकिंग ग्रुप ने अमेरिकी न्याय विभाग के कदम को 'सेंसरशिप' और 'डराने वाला कृत्य' करार दिया है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग और उसकी सुरक्षा एजेंसियां धमकी भरे बयान और सेंसरशिप से सच की अलख बुझाना चाहती हैं. पर वो भूल जाते हैं कि हैंडाला सिर्फ एक वेबसाइट या नाम नहीं है, बल्कि एक गहरी जड़े जमा चुकी विचारधारा है जो दुनिया भर के लोगों के दिलों में गूंजती है.

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