
धुरंधर-2 मोड में आया इजरायल... ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में घुस-घुसकर पीटा
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दुनिया एक बड़े महायुद्ध की ओर बढ़ती दिख रही है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. युद्धविराम की संभावनाओं के बजाय संघर्ष और ज्यादा विकराल रूप लेता नजर आ रहा है. फिलहाल दूर-दूर तक जंग के हालात थमते हुए नहीं दिख रहे.
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद से ही मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इस महाजंग में लगातार अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है. एक ओर ईरान खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बना रहा है, तो दूसरी ओर इजरायल भी मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले कर रहा है. यह युद्ध आज 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है लेकिन अभी तक इसके थमने के कोई संकेत नहीं मिल पा रहे हैं. इस बीच इजरायल ने सीरिया में भी बमबारी शुरू कर दी है, जिससे इस जंग ने एक और नया मोड़ ले लिया है. जिस तरह फिल्म धुरंधर में हमजा ने पाकिस्तान में घुसकर तबाही मचाई थी, उसी तरह इजरायल भी अब आक्रामक रुख अपनाते हुए नजर आ रहा है. ईरान और लेबनान के बाद अब सीरिया में इजरायल ने हमला शुरू कर दिया है. इजरायली रक्षा बल (IDF) ने जानकारी दी है कि सुवैदा इलाके में ड्रूज समुदाय पर हुए हमलों के बाद दक्षिणी सीरिया में सीरियाई शासन से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई है. यहां बीती रात दक्षिणी सीरिया में सीरियाई शासन के सैन्य कैंपों में स्थित एक कमांड मुख्यालय और युद्ध संबंधी संसाधनों को निशाना बनाया गया.
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20 दिनों से जारी जंग में तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज हो गए हैं. ईरान की ओर से कुवैत में भी ड्रोन हमले किए गए. मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर रात के समय हुए हमलों में कुछ यूनिट्स में आग लगने की खबर सामने आई है. खाड़ी क्षेत्र की रिफाइनरियों पर हमलों की घटनाएं देखी गई है. वहीं, ईरान ने साफ कहा है कि उसके गैस फील्ड पर हुए हमले का जवाब अभी अधूरा है.
जंग में ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए इजरायल को भी निशाना बना रहा है. इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, ईरान से इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागी गई हैं, जिनमें से कुछ को इंटरसेप्ट किया गया है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि मिसाइल निर्माण का काम लगातार जारी है और देश के पास मिसाइलों की पर्याप्त क्षमता मौजूद है.
इजरायल ने भी ईरान के अहम गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए पार्स गैस साइट पर हमला किया है. यह वही क्षेत्र है जहां से ईरान बड़े पैमाने पर नेचुरल गैस का उत्पादन करता है. ईरान का यह गैस फील्ड कतर तक फैला हुआ है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड माना जाता है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब तेल-गैस के ठिकानों पर हमले से तनाव बढ़ गया है. पूरे दुनिया पर ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में पहले ही उथल-पुथल मची है. अब दोनों ओर से ताजा हमलों से पूरी दुनिया महंगाई के बड़े संकट की ओर बढ़ती जा रही है. देखें लंच ब्रेक.

चाहे हालात शांति के हों या युद्ध जैसे तनावपूर्ण, जिंदगी कभी नहीं रुकती, इसकी मिसाल लेबनान में देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आए हजारों लोग, जो काम के सिलसिले में लेबनान में रह रहे हैं, उन्होंने इजरायली हमलों और तमाम चुनौतियों के बावजूद ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया. संघर्ष और अनिश्चितता के बीच भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं.

होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है. इस बीच छह देशों ने एक बयान जारी किया है ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने कहा है कि वे हॉर्मुज़ में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, इटली, जर्मनी और फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वे तत्काल किसी सैन्य सहायता की बात नहीं कर रहे हैं. इन देशों ने क्या शर्त रखी है. जानें.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.








