
शराब पर सियासत: सिसोदिया बोले- CBI-ED के नाम से कारोबारियों को डराया, अब कोई टेंडर लेने को तैयार नहीं
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सिसोदिया ने कहा कि पहले दिल्ली सरकार को 6000 करोड़ का रिवेन्यू मिलता था अब 9500 करोड़ रुपये का रिवेन्यू आने लगा है. आज दिल्ली में कुल 468 दुकानें ही चल रही हैं और 1 अगस्त से कई और दुकान वाले भी कम हो जाएंगे क्योंकि सीबीआई, ईडी के डर से कई और लोग भी दुकानें छोड़कर जाने वाले हैं.
दिल्ली में नई आबकारी नीति पर मचे बवाल के बीच दिल्ली आबकारी विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सिसोदिया ने कहा कि हम दिल्ली में गुजरात जैसी जहरीली शराब से त्रासदी नहीं चाहते, इसलिए दिल्ली पुरानी आबकारी नीति ही लागू रहेगी.
सिसोदिया ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग चाहते हैं दिल्ली में शराब की किल्लत हो क्योंकि अगर किल्लत होती है तो इन्हें फायदा होता है. ये लोग नकली शराब बनाकर बेचते हैं. डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार पिछले साल नई एक्साइज पॉलिसी लेकर आई थी. 2021-22 की पॉलिसी लागू होने से पहले दिल्ली में ज्यादातर सरकारी दुकानें थीं. दिल्ली में जो प्राइवेट दुकानों थी उनके लाइसेंस उन्होंने अपने लोगों को दे रखे थे और बहुत कम लाइसेंस फीस लेते थे. पहले दिल्ली में 850 दुकानें होती थी और हमने नई पॉलिसी में तय किया कि उतनी ही दुकानें खोली जाएंगी, कोई नई दुकान नहीं खोली जाएगी.
सिसोदिया ने बताया कि पहले दिल्ली सरकार को 6000 करोड़ रुपये का रिवेन्यू मिलता था अब 9500 करोड़ रुपये का रिवेन्यू आने लगा है. आज दिल्ली में कुल 468 दुकानें ही चल रही हैं और एक अगस्त से कई और दुकान कम हो जाएंगी क्योंकि सीबीआई, ईडी के डर से कई और लोग भी दुकानें छोड़कर जाने वाले हैं.
मनीष सिसोदिया ने कहा कि कारोबारियों को सीबीआई और ईडी के नाम से इतना डरा दिया है कि अब कोई शराब का टेंडर लेने को तैयार नहीं है. अधिकारी भी डरे हुए हैं. कुल मिलाकर इन्होंने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि एक अगस्त से दिल्ली में एक्साइज ड्यूटी देने वाली दुकान कम होती चली जाएं और इनका अवैध शराब का धंधा पनपने लगे.

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