
'शरद पवार देश के प्रधानमंत्री नहीं हैं, नरेंद्र मोदी हैं', अडानी पर हुआ सवाल तो क्यों बोले राहुल गांधी
AajTak
कोयले की कीमतों को लेकर फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर राहुल गांधी ने कहा कि कोयले की गलत कीमतें दिखाकर और बिल में फर्जीवाड़ा करके बिजनेसमैन गौतम अडानी ने बिजली के दाम को बढ़ा दिया है.
कोयले की कीमतों को लेकर फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर राहुल गांधी ने कहा कि कोयले की गलत कीमतें दिखाकर और बिल में फर्जीवाड़ा करके बिजनेसमैन गौतम अडानी ने बिजली के दाम को बढ़ा दिया है. उन्होंने आगे कहा कि आपकी (जनता) जेब से 12 हजार करोड़ रुपए तो सीधे अडानी ने ले लिए हैं.
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ही राहुल गांधी से सवाल किया गया कि वे शरद पवार से यह सवाल क्यों नहीं पूछते हैं, जबकि INDIA गठबंधन के विरोध के बाद भी उन्होंने अडानी से मुलाकात की थी. इस सवाल पर राहुल ने कहा कि उन्होंने अब तक शरद पवार से कोई सवाल नहीं किया है. इसके पीछे की वजह यह है कि शरद पवार प्रधानमंत्री नहीं हैं. बता दें कि फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अडानी की कंपनी ने कम कीमत में कोयले की खरीद की और उसका दाम ज्यादा बताया.
पीएम की विश्वसनीयता पर सवाल: राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा,'शरद पवार प्रधानमंत्री नहीं हैं. शरद पवार अडानी को नहीं बचा रहे हैं. उन्हें (अडानी) पीएम मोदी बचा रहे हैं. इसलिए मैं शरद पवार से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछ रहा हूं. अगर शरद पवार प्रधानमंत्री बन जाएंगे और अडानी को बचाने की कोशिश करेंगे तो मैं उनसे भी यही सवाल करूंगा.' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहा है.
'पीएम कर रहे अडानी को प्रोटेक्ट'
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता ने कहा कि गरीब लोग पंखा चलाते हैं, या बल्ब जलाते हैं तो इसका पैसा सीधे अडानी की जेब में चला जाता है. उन्होंने आगे कहा कि अडानी की रक्षा भारत का प्रधानमंत्री कर रहा है. जैसे ही लोग कोई भी स्विच दबाते हैं, उसका पैसा सीधा अडानी की जेब में चला जाता है. उन्होंने कहा कि गौतम अडानी कोयले की खरीद-फरोख्त में ओवर इनवॉइसिंग कर रहे हैं.

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरान के परमाणु शक्ति के बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होनें कहा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा था. साथ ही खामेनेई ने ये भी कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बनना चाहता था. साथ ही खामेनेई ने कहा कि जबतक मिडिल ईस्ट में विदेशी शक्तियां रहेंगी तबतक क्षेत्र में स्थिरता नहीं रहेगी.











