
शक था कि महिला पर 'कुछ' है, कब्रिस्तान ले जाकर लात-घूंसे मारे फिर सूली पर चढ़ा दिया
AajTak
ब्राजील की एक भयावह घटना में, 57 वर्षीय महिला एक कब्रिस्तान में सूली पर लटकाकर बेरहमी से पीटा गया. हैरानी की बात है कि ये सब कुछ उसका भला करने के नाम पर किया गया था.
ब्राजील में एक महिला की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस भयावह घटना में, 57 वर्षीय ज़िल्डा कोरिया बिटेनकोर्ट को ब्राज़ील के एक कब्रिस्तान में सूली पर लटकाकर बेरहमी से पीटा गया. संदिग्धों में दो भाइयों, उनके पिता और एक महिला को पुलिस ने 10 फरवरी को तब गिरफ्तार किया जब वे जिल्डा की लाश गाड़ी में लेकर अस्पताल जा रहे थे.
पुलिस प्रवक्ता सैंड्रो मीनर्ज के अनुसार, संदिग्धों पर यातना देकर मानव हत्या करने का आरोप लगाया गया है. कथित तौर पर जिल्डा की मौत के दौरान उनके पति और बेटे (जिनका नाम नहीं बताया गया है) कब्रिस्तान में मौजूद थे.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ज़िल्डा को एक प्रकार के धार्मिक सफाई अनुष्ठान (Exorcism) के लिए साइट पर ले जाया गया था. दो संदिग्धों ने पुलिस को बताया कि वे 20 वर्षों से उसके अंदर रहने वाली दो 'आत्माओं' को खत्म करने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन वहां पर इसके बजाय ज़िल्डा को प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया.
यानी साफ है कि भूत-प्रेत भगाने के लिए झाड़-फूंक की प्रक्रिया के नाम पर ये सब कुछ किया गया था. कथित तौर पर यह भयावह प्रक्रिया 'पाइस डी सैंटोस' (एक प्रकार का अफ्रीकी-ब्राज़ीलियाई पुजारी) के एक जोड़े द्वारा की गई थी.
एनबी नोटिसियास की रिपोर्ट के अनुसार, गवाहों का दावा है कि उन्होंने ज़िल्डा पर क्रूर हमले को देखा है जिसमें घूंसे, थप्पड़, सिर पर हमला और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर लाठियों से वार करना शामिल था.
क्रूस पर बांधने से पहले कथित तौर पर उसे कई बार जमीन पर गिराया गया था.रेडियो डिफ्यूसोरा की रिपोर्ट के अनुसार, ज़िल्डा के बेटे ने पुलिस को बताया कि पेस डी सैंटोस ने उन्हें बताया था कि 20 मिनट तक क्रॉस से बांधे रखने के बाद वह ठीक हो जाएगी, लेकिन जब वे वापस लौटे तो वह मर चुकी थी.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










