
'वो तो हमारा रूसी ट्रैक्टर है...', Olympic में गोल्ड जीतने पर बोले अरशद नदीम के भाई
AajTak
Olympic में जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) इवेंट में पाकिस्तान के खिलाड़ी अरशद नदीम (Arshad Nadeem) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 92.97 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया है. ऐसे में उनके परिवार और पड़ोसियों की खुशी का ठिकाना नहीं है.
इन दिनों जारी पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेल, फ्रांस में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है. इस दौरान होने वाला हर खेल और उसमें जीत- हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे. इस समय हर दिन अलग- अलग देशों से अलग- अलग स्पोर्ट में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं.
इसी बीच गुरुवार को जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) इवेंट में पाकिस्तान के खिलाड़ी अरशद नदीम (Arshad Nadeem) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 92.97 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया है. वहीं, दूसरी तरफ भारत का प्रदर्शन कर रहे नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने 89.45 मीटर थ्रो के साथ दूसरे पायदान पर अपनी जगह बनाते हुए सिल्वर मेडल जीता.
'बेटे के साथ मां की दुआएं थीं'
इसके साथ ही पाकिस्तान के इतिहास में यह पहला मौका है जब ओलंपिक में किसी एथलीट ने व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है. अरशद के गोल्ड जीतते की पाकिस्तानियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला. ऐसे में एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल अरशद के घर पहुंचा और उनके परिवार और गांव वालों से बात की. यहां उनकी मां ने कहा- मां की दुआएं थीं बेटे के साथ जिसके फल से अरशद ने मेडल जीत लिया और पाकिस्तान का नाम रोशन किया.
'अरशद हमारा ट्रैक्टर रूसी है'
वहीं उनके भाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा-'पहले पूरे पाकिस्तान का शुक्रिया जिन्होंने हमारे अरशद के लिए दुआएं कीं. मैंने पहले ही कहा था कि अरशद हमारा ट्रैक्टर रूसी है, उसने रूसी ट्रैक्टर की तरह जोर लगाया और जीत दर्ज की. हम सभी के शुक्रगुजार है.' इसके अलावा उनके गांव वालों ने भी उनकी जीत पर खूब खुशी जाहिर की.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










