
विवेक ओबेरॉय के नाना ने लड़े थे तीन युद्ध, एक्टर बोले- उनकी कहानियों ने मुझे तिरंगे का मतलब बताया
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विवेक ने बताया है कि बचपन में उनके लिए स्वतंत्रता दिवस का क्या मतलब था और कैसे अपने नाना के साथ वक्त बिताने के बाद उनके लिए देश के तिरंगे झंडे का मतलब ही बदल गया. उन्होंने अपने नाना के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि वो देश के लिए तीन युद्ध का हिस्सा रहे थे.
भारत आज अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. जहां देशभर में आज जनता इस ऐतिहासिक दिन को सेलिब्रेट कर रही है. वहीं इंडियन एक्टर विवेक ओबेरॉय, इस बार ग्रीस में भारत की आजादी का जश्न मना रहे हैं. वो जल्द ही दुबई जाएंगे और एक खास इवेंट का हिस्सा बनेंगे जिसमें भारतीयों को UAE में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा.
विवेक ने एक नए इंटरव्यू में बताया है कि बचपन में उनके लिए स्वतंत्रता दिवस का क्या मतलब था और कैसे अपने नाना के साथ वक्त बिताने के बाद उनके लिए देश के तिरंगे झंडे का मतलब ही बदल गया. उन्होंने अपने नाना के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि वो देश के लिए तीन युद्ध का हिस्सा रहे थे.
बचपन में विवेक को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी से था प्यार विवेक ओबेरॉय ने न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि स्कूल में उनके लिए 15 अगस्त का क्या मतलब होता था. उन्होंने कहा, 'मैं सच कहूं तो, मेरे लिए स्कूल में 15 अगस्त का मतलब एक छुट्टी होता था. इसका मतलब एक छोटा सा इवेंट होता था जिसके लिए हम जल्दी उठते थे और ध्वजारोहण सेरेमनी के लिए जाते थे, जिसके बाद आपको चॉकलेट या मिठाई मिलती थी जो स्कूल में बांटी जाती थी. फिर थोड़ी देर हम दोस्तों के साथ मस्ती करते थे और क्लास में वापस नहीं जाना पड़ता था और आधे दिन बाद घर लौट आते थे. तो एक बच्चे के तौर पर ये मजेदार होता था.'
हालांकि, स्वतंत्रता दिवस के लिए विवेक का परसेप्शन तब बदल गया जब उन्होंने अपने नाना के साथ समय बिताना शुरू किया, जो एक वॉर हीरो थे. विवेक ने बताया, '15 अगस्त का क्या मतलब होता है, इसके लिए मेरा परसेप्शन तब बहुत ज्यादा बदल गया जब मैंने अपने नाना के साथ वक्त बिताना शुरू किया, जो सम्मानित वॉर हीरो थे. उन्होंने भारतीय सेना के लिए तीन युद्ध लड़े थे. वो परमवीर सेवा मैडल और महावीर चक्र से सम्मानित थे. उनकी कहानियां और मेरे ऊपर उनके प्रभाव ने मेरे ये परसेप्शन बदल दिया कि उस झंडे (तिरंगे) का क्या मतलब होता है. इसने लोगों के दिए गए बलिदानों के लिए मेरा परसेप्शन बदल दिया और इसे पर्सनल बना दिया.'
झंडा फहराते देख इमोशनल हो जाते हैं विवेक विवेक ने बताया कि अब जब वो झंडा फहराते देखते हैं, तो उन्हें एक गर्व और इमोशंस का अनुभव होता है. विवेक ने कहा, 'कभी कभी मेरी आंखों में आंसू आ जाते हैं. मैं अपने बच्चों में ये फीलिंग भरने में कामयाब हुआ हूं, अगली पीढ़ी अब आगे बढ़ रही है. असल में इंडिया का क्या मतलब होता है, हम कौन हैं, और इंडिया से होने में हमें कितना गर्व महसूस होता है, मुझे लगता है कि इससे बहुत फर्क पड़ता है.'
विवेक के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो इस साल रिलीज हुई वेब सीरीज 'इंडियन पुलिस फोर्स' में नजर आए थे. सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर इस वेब सीरीज में विवेक ने एक कॉप का किरदार निभाया था और ये शो डायरेक्टर रोहित शेट्टी के कॉप यूनिवर्स का हिस्सा था.

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