विपक्षी एकता की राह में अभी हैं ये 4 बड़ी चुनौती, शिमला बैठक में बन पाएगी बात?
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पटना में शुक्रवार को 2024 की तैयारियों को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं का महाजुटान हुआ. मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दल एक मंच पर साथ आए और 2024 की जीत की हुंकार भरी. सबका मकसद एक था, नरेंद्र मोदी के विजयरथ को रोकना. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या साथ नजर आ रहे दलों के दिल मिल पाएंगे? क्या आपसी लड़ाई को भूलकर ये सारे दल एक साथ आ पाएंगे?
पटना में विपक्षी दलों की कल शुक्रवार को महाबैठक हुई. 2024 में मोदी के विजयरथ को रोकने के लिए महागठबंधन पर 15 से ज्यादा दलों की रणनीति बनी, लेकिन अभी किसी ठोस फैसले से पहले ही अगले साल की तैयारी की नींव डगमगाने लगी है. दरअसल, शुक्रवार को पटना में 2024 की तैयारियों को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं का महाजुटान हुआ. मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दल एक मंच पर साथ आए और 2024 की जीत की हुंकार भरी. सबका मकसद एक था, नरेंद्र मोदी के विजयरथ को रोकना.
अभी अंतिम फैसला अगले महीने शिमला में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के दूसरे चरण में लिया जाएगा. इसमें ही तय हो पाएगा कि सभी दल 2024 के लोकसभा चुनाव में एकजुट हो पाएंगे या नहीं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या साथ नजर आ रहे दलों के दिल मिल पाएंगे? क्या आपसी लड़ाई को भूलकर ये सारे दल एक साथ आ पाएंगे?
कारण, केंद्र के अध्यादेश को लेकर कांग्रेस और केजरीवाल में ठनती जा रही है तो बंगाल में भी ममता और कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है. बैठक में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने आम आदमी पार्टी द्वारा धारा 370 हटाने पर बीजेपी का समर्थन करने का मामला उठाया तो अब आरजेडी ने केजरीवाल को लेकर एक भड़काने वाला बयान जारी कर पसोपेश और बढ़ा दी है. इसके बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पटना वाली बैठक विपक्ष के लिए सिर्फ एक ट्रायल था या फिर वाकई में सभी बाधाओं को पारकर विरोधी मोदी को 2024 चुनाव में रोक पाएंगे.
कांग्रेस का अध्यादेश पर AAP को समर्थन से इनकार
बता दें कि आम आदमी पार्टी अध्यादेश को लेकर विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात कर चुकी है. अरविंद केजरीवाल को विपक्ष के कई दलों ने अध्यादेश का विरोध करने का भरोसा दिया है. लेकिन कांग्रेस ने अध्यादेश के विरोध से साफ इनकार कर दिया. ऐसे में कल बैठक में भी इस मुद्दे पर गहमागहमी हुई. बैठक में केजरीवाल समेत आप के कई नेता शामिल हुए लेकिन बैठक के बाद प्रेस कॉफेंस से नदारद हो गए. हालांकि तेजस्वी यादव इस तरह की किसी अनबन से इनकार कर रहे हैं.
बंगाल कांग्रेस ने टीएमसी को बताया चोर

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