
विकसित बिहार के लिए नीतीश कुमार के '7 निश्चय' का तीसरा संस्करण लांच, इसमें नया क्या है
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केंद्र सरकार के विकसित भारत कार्यक्रमों की तर्ज पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार को आगे बढ़ाना चाहते हैं. अपने सात-निश्चय प्रोग्राम के तीसरे चरण में नीतीश कुमार विकसित बिहार पर फोकस नजर आ रहे हैं - और अगले पांच साल का रोड मैप पेश किया है.
बिहार में सात निश्चय कार्यक्रम तीसरे पड़ाव पर पहुंच चुका है, और अब जोर विकसित बिहार बनाने पर है. केंद्र सरकार पहले से ही विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर चल रही है. अब तो मनरेगा की जगह लेने वाले कानून का नाम भी विकसित भारत से शुरू होता है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में सात निश्चय कार्यक्रम के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई. 7 निश्चय 3.0 के जरिए बिहार की एनडीए सरकार ने 2025-2030 के विकास का रोडमैप पेश किया है.
7 निश्चय 3.0 के तहत अगले 5 साल में बिहार के युवाओं के लिए एक करोड़ नौकरियां और रोजगार के मौके बनाने, 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निजी निवेश लाने और लोगों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया गया है. साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 निश्चय 3.0 लागू किए जाने का ऐलान करते हुए सोशल साइट X पर लिखा है, '24 नवंबर, 2005 को जब से हम लोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है. लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अंतर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है.
2030 तक के लिए नीतीश के 7 निश्चय
जैसा कि नाम से भी जाहिर है 'सात निश्चय-3' नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट का लेटेस्ट वर्जन है. खुद नीतीश कुमार ने अपने X हैंडल से तीसरे सात निश्चय के बारे में विस्तार से जानकारी दी है - और कहा है, 'मुझे पूरा भरोसा है कि सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से 'विकसित बिहार' के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी, तथा बिहार सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा.'

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