
रेलवे के इतिहास में बड़ी पहल, ट्रांसजेडर्स को रोजगार देने के लिए शुरू किया ये काम
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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने गुवाहटी रेलवे स्टेशन पर 'ट्रांस टी स्टॉल' की शुरुआत की है. इसमें काम करने वाले सभी कर्मचारी भी ट्रांसजेंडर समुदाय के होंगे. रेलवे द्वारा इस टी स्टॉल की शुरुआत ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सशक्त बनाने के लिए की गई है.
भारतीय रेलवे, ट्रेनों से लेकर स्टेशन्स तक को कायाकल्प कर रहा है. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ रेलवे द्वारा लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करने की कोशिश हो रही है. इसी कड़ी में असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर 'ट्रांस टी स्टॉल' की शुरुआत की गई. रेलवे द्वारा इस टी स्टॉल की शुरुआत ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सशक्त बनाने के लिए की गई है.
ट्रांसजेंडर समुदाय के होंगे सभी कर्मचारी
ट्रांस टी स्टॉल गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शुरू की गई है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुताबिक इस टी स्टॉल को चलाने की जिम्मेदारी ट्रांसजेडर समुदाय की होगी. इसमें काम करने वाले सभी कर्मचारी भी ट्रांसजेंडर समुदाय के होंगे. बता दें कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए रोजगार के उतने बेहतर विकल्प उपलब्ध नहीं है. ऐसे में रेलवे का ये फैसला उनकी सशक्तिकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
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रेलवे के इतिहास में ये अपनी तरह की पहली पहल
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता ने इस टी स्टॉल का उद्घाटन किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि एनएफआर ने ट्रांसजेंडरों के सशक्तिकरण के लिए पहल की है. ये भारतीय रेलवे के इतिहास में अपनी तरह की पहली पहल है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे इस तरह के और भी कदम उठाएगा.

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