
रुड़की: ‘कश्मीर फाइल्स’ से प्रभावित हिंदुत्ववादियों ने दी मुसलमानों को गांव से निकालने की धमकी
The Wire
उत्तराखंड के रुड़की ज़िले के दादा जलालपुर गांव में हनुमान जयंती के दिन 16 अप्रैल को निकली एक शोभायात्रा के दौरान पथराव हुआ था, जिसके परिणास्वरूप ज़्यादातर मुसलमानों को भगवानपुर क्षेत्र छोड़ना पड़ा. जो पीछे रह गए हैं, उनका कहना है कि वे लगातार डर के साये में जी रहे हैं.
रुड़की: दादा जलालपुर रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र का एक छोटा-सा गांव है. 16 अप्रैल को हनुमान जयंती की शोभायात्रा (जुलूस) के बाद यहां हिंसा भड़क गई थी. यहां हिंदू-मुस्लिम आबादी की संख्या लगभग समान है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. दुकानें बंद हैं. तनाव का माहौल है.
कई मुस्लिम गांव छोड़कर चले गए हैं क्योंकि हिंदुत्ववादी नेताओं ने साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसमें उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और धर्म संसद का आयोजन करने जैसी बातें कही गई हैं.
हिंदुत्ववादी नेताओं ने कथित तौर पर उनकी मांगें नहीं माने जाने और मुसलमानों को जेल में नहीं डालने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी.
पिछले दो दिनों में तनाव बढ़ गया क्योंकि मुस्लिम इलाके के बाहर एक बुलडोजर देखा गया. रहवासियों से कथित तौर पर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया. हालांकि, अभी किसी घर को नहीं तोड़ा गया है.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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