
रियलिटी चेक: Corona के नए वेरिएंट Omicron की दस्तक, लोग कितने सतर्क?
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देश की राजधानी दिल्ली में ओमीक्रोन का आंकड़ा 100 के करीब पहुंच गया है. दिल्ली के सरोजनी नगर में जिस तरह से लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं, उससे कोरोना की तीसरी लहर कभी भी दस्तक दे सकती है. क्यूंकि सरोजनी नगर में 2 गज की दूरी और मास्क का पालन लोग नहीं कर रहे हैं. आजतक से बातचीत में सरोजिनी नगर के व्यापारियों ने बताया कि इस भीड़ को देखकर डर तो लगता है कि कहीं फिर से सरकार लॉकडाउन ना लगा दें. हम अपने दुकान के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखते हैं. लेकिन बाहर जो भीड़ है, पब्लिक है उसे रोकना तो प्रशासन का काम है. हम दुकानदार अपनी सेफ्टी के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं, लेकिन पब्लिक कुछ नहीं कर रही. पब्लिक की इस लापरवाही से तो कोरोना का खतरा बढना लाजमी है. देखें ये वीडियो.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










