
राहुल ने जातीय जनगणना रिपोर्ट को बताया 'फर्जी', क्या बिहार चुनाव में तेजस्वी को झेलना पड़ेगा नुकसान! जानिए
AajTak
बिहार में जब 2 अक्टूबर 2023 को जातीय जनगणना की सर्वे रिपोर्ट आई थी तो उस वक्त प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार थी. आरजेडी और कांग्रेस भी इसी सरकार का हिस्सा थी. तेजस्वी यादव ने बिहार में जातीय जनगणना करवाने का श्रेय लिया था.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 2023 में बिहार में कराए गए जातीय जनगणना को फर्जी बताया है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल का यह बयान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकता है.
दरअसल, बिहार में जब 2 अक्टूबर 2023 को जातीय जनगणना की सर्वे रिपोर्ट आई थी तो उस वक्त प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार थी. आरजेडी और कांग्रेस भी इसी सरकार का हिस्सा थी. तेजस्वी यादव ने बिहार में जातीय जनगणना करवाने का श्रेय लिया था और दावा किया था कि उनके दबाव की वजह से ही नीतीश कुमार ने बिहार में जातीय सर्वे करवाया है.
उसके बाद 9 नवंबर, 2023 को विधानसभा में बिहार आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023 पारित किया गया, उस वक्त भी तेजस्वी यादव ने बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाने का श्रेय लिया था. नए कानून के आधार पर आरक्षण का दायरा 50% से 65% बढ़ाया गया था.
कोर्ट में आरक्षण का मामला लंबित
हालांकि, 2024 में पटना हाई कोर्ट ने आरक्षण का दायरा 50% से 65% करने को गैर संवैधानिक बता कर रोक लगा दी थी. पटना हाई कोर्ट के फैसले को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और तेजस्वी यादव की आरजेडी ने भी पटना हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. फिलहाल, यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.
तेजस्वी की मुश्किल बढ़ी

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरान के परमाणु शक्ति के बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होनें कहा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा था. साथ ही खामेनेई ने ये भी कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बनना चाहता था. साथ ही खामेनेई ने कहा कि जबतक मिडिल ईस्ट में विदेशी शक्तियां रहेंगी तबतक क्षेत्र में स्थिरता नहीं रहेगी.











