
'राहुल गांधी की बात की कोई तुक नहीं, हमें समझ नहीं आती...' बोलीं मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत
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हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. कंगना ने कहा, राहुल जी के बारे में हम क्या कहें. उनकी किसी बात का ना कोई तुक है और ना कोई ढंग है. ना ही हमें उनकी कोई बात समझ आती है. आपने खुद देखा है कि उनकी चक्रव्यूह वाली बात कहना. उनकी जो निंदाजनक बात है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सदन में 'बजट का हलवा बंटने' के बयान पर हंगामा मचा है. बॉलीवुड से राजनीति में आईं बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को राहुल पर तंज कसा और कहा, उनकी किसी बात का कोई मतलब नहीं होता है. उनकी बात हमें समझ ही नहीं आती है. वो देश के खिलाफ बोलते रहते हैं. देश के बजट को हलवा कह देते हैं. ये सब अच्छी बात नहीं हैं.
दरअसल, सोमवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में केंद्रीय बजट से पहले होने वाली 'हलवा सेरेमनी' की फोटो का जिक्र किया और सरकार पर निशाना साधा. राहुल ने कहा कि 'बजट का हलवा बंट रहा है लेकिन देश को हलवा मिल ही नहीं रहा'. राहुल का भाषण सुनकर सामने बैठीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हंसते हुए अपना माथा पकड़ लिया. राहुल ने कहा, मैं ये फोटो समझाना चाह रहा हूं. ये बजट का हलवा बंट रहा है. इस फोटो में मुझे कोई ओबीसी अफसर नहीं दिख रहा. कोई आदिवासी अफसर नहीं दिख रहा. कोई दलित अफसर नहीं दिख रहा. ये क्या हो रहा है. देश का हलवा बंट रहा है और इसमें 73 प्रतिशत कहीं हैं ही नहीं.'
उनकी किसी बात की कोई तुक नहीं...
राहुल के बयान पर बीजेपी लगातार हमलावर है. अब मंडी से सांसद कंगना ने कहा, राहुल जी के बारे में हम क्या कहें. उनकी किसी बात का ना कोई तुक है और ना कोई ढंग है. ना ही हमें उनकी कोई बात समझ आती है. आपने खुद देखा है कि उनकी चक्रव्यूह वाली बात कहना. उनकी जो निंदाजनक बात है, वो देश के प्रति जिस तरह से शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. देश का हलवा बंट रहा है और सब खा रहे हैं. उनकी दादी (इंदिरा गांधी) ने भी देश के कई बजट बनाए हैं और आज देश के बजट को हलवा कहना और देश को मिल-बांटकर खाना.... इस तरह की बातें करना देश के लिए अच्छी बात नहीं है.
कंगना का कहना था कि अनुराग ठाकुर जी ने कहा है कि कांग्रेस की जो मानसिकता है, देश का बंटवारा करके खाना... ये (परंपरा) नेहरू काल से चली आ रही है. इस मानसिकता को बदलना होगा. देश सेवा की चीज है. आप नेता हैं तो देश की सेवा के लिए बने हैं. आप देश को काटकर या मिल-बांटकर खाने के लिए नहीं बने हैं. देश का जो बजट है, वो देश के बजट को भी एक संवैधानिक तरीके से बनता है, उसको भी मान मिलना चाहिए. उसके बारे में ऐसा कहना कि हलवा बांट रहे हैं... ये निंदाजनक है. हर किसी को निंदा करनी चाहिए.
हिमाचल को लेकर क्या बोलीं कंगना?

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