
राजस्थान में सीएम गहलोत ने ज़िले बढ़ाए लेकिन चुनावी हिसाब -किताब कितना बदला?
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दिल्ली सर्विसेज बिल पर आज राजयसभा का क्या था माहौल, राजस्थान में जिलों की संख्या बढ़ जाने से राजनीतिक इक्वेशन क्या बदल गया है, बहुविवाह को बैन करने के पीछे की सियासत और समस्याएं और सोशल मीडिया पर क्या राहुल के पक्ष में माहौल बनने लगा है, सुनिए दिन भर में.
20 जुलाई ही से शुरु हुए मॉनसून सत्र में सबकी टकटकी आज ही के दिन पर थी. और वह भी राज्यसभा पर. गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में दिल्ली सर्विसेज़ बिल पेश किया. बहस चली.. और फिर मौका मिलते ही आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा बरस पड़े. इस बिल को रोकने के लिए आम आदमी पार्टी ने ज़मीन आसमान एक कर दिया, सभी पार्टियों से समर्थन मांगा. सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.. बावजूद इसके दिल्ली सर्विसेज़ बिल आज राज्य सभा में पास हो ही गया. काँग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सदन में कहा कि बिल का मकसद डर पैदा करना है. जो लोग इसका समर्थन कर रहे हैं या समर्थन करने की घोषणा कर चुके हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि सबका नंबर आ सकता है. लेकिन बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संविधान की दुहाई वो न दें जिन्होंने विधानसभा में इसको ताक पर रख दिया था. फिलहाल जब दिनभर को मैं रिकॉर्ड कर रहा हूं तब राज्यसभा में जारी बहस थम गई है और रात आठ बजे के बाद फिर शुरू होगी, सुनिए दिन भर में.
आज देश के ज़्यादातर प्रमुख अख़बारों के पहले पन्ने को अगर आपने देखा हो तो उस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री की तस्वीर थी और सूबे का मानचित्र था. रेवेन्यू डिपार्टमेंट के इस एडवर्टिजमेंट में रंगीले राजस्थान को पचास रंगों में उकेरने की कोशिश थी. क्योंकि आज से ऑफिशियली 33 जिलों वाला राजस्थान पचास जिलों में बंट गया. मंत्रोच्चार के बीच राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम पहुंचे. स्वास्थ्य कारणों से व्हील चेयर पर ही बैठे-बैठे हवन और पूजा-पाठ में हिस्सा लिया. अहम बात ये है कि अब नए जिलों के शुभारंभ के बाद राज्य के नक्शे पर लकीरें थोड़ी बदल गई हैं. वैसे तो 19 नए जिलों का शुभारंभ हुआ आज लेकिन क्योंकि जयपुर को जयपुर उत्तर और जयपुर दक्षिण में बांटा गया है, जबकि जोधपुर को जोधपुर पूर्व और जोधपुर पश्चिम में बांटा गया है.. तो जिलों की कुल संख्या 52 न होकर 50 रह गई है. तीन नए संभाग भी बने हैं. सीकर, पाली और बांसवाड़ा के संभाग बनने के बाद कुल डिवीजन दस हो गए हैं. राजस्थान की राजनीति में दिलचस्पी लेने वाले पत्रकारों का मानना है कि नए जिलों को बनाकर राजस्थान कांग्रेस की सरकार ने 113 विधानसभाओं के वोटर्स को सीधे तौर पर रिझाने की कोशिश की है. सवाल है कि नए जिलों की जो बाउंड्री खींची गई है, वह राजनीतिक हिसाब-किताब राज्य का किस तरह बदल देगी और ये कहना कितना दुरुस्त है कि भारतीय जनता पार्टी के जो गढ़ हैं, वहां इससे समीकरण बदल जाएगा? सुनिए दिन भर में.
अब बात भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम की. कल असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के पास एक रिपोर्ट पहुंची थी. रिपोर्ट थी एक्सपर्ट कमेटी की जिसमें असम राज्य के अंदर polygamy यानि बहुविवाह को बैन करने की बात की गई थी. इस एक्सपर्ट कमेटी को लीड कर रहीं थीं रिटायर्ड जज रूमी कुमारी फुकन और इसके सदस्यों में शामिल थे असम के एडवोकेट जनरल देवाजित साइकिया, सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल नलिन कोहली और गुवाहाटी हाई कोर्ट के सीनियर वकील नेकीबुर जमन. दरअसल, हिमंता बिस्वा सरमा एक लंबे वक्त से राज्य में बहु विवाह को बैन करने के लिए कानून लेकर आना चाहते थे. अब जब इस कमेटी ने भी उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंप दी है तो माना जा रहा है कि साल के अंत तक इसे बिल के रूप में लाया जा सकता है. सवाल है कि असम में बहु विवाह को बैन करने की ज़रूरत है भी या नहीं, कौन से लोग इससे प्रभावित होंगे, सुनिए दिन भर में.
लोकसभा में आज के दृश्य कांग्रेस पार्टी के लिए मनमोहक थे. पूरे 133 दिनों के बाद राहुल गांधी संसद की चौखट पर थे. न सिर्फ़ कांग्रेस के 50 सांसद बल्कि इस मौके पर नए नवेले इंडिया एलायंस के सांसदों की गर्मजोशी और नारेबाजी के बीच राहुल गांधी लोकसभा में दाखिल हुए. मानहानि केस में फौरी राहत के बाद जब राहुल संसद पहुंचे हैं तो बहुत कुछ बदल चुका है. कल से संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी. और चर्चाएं हैं कि राहुल ही इसे लीड करेंगे. नेतृत्व की बात से ध्यान आय एक रिपोर्ट का भी. जो आज एक अंग्रेज़ी अख़बार में छपी. रिपोर्ट कहती है कि राहुल गांधी का सोशल मीडिया इंफ्लुएंस लगातार बढ़ा है. 2017 में राहुल गांधी के यूट्यूब चैनल पर डाली गई पहली वीडियो जो छह मिनट की थी, उस पर 24,000 व्यूज आए थे लेकिन बीते कुछ समय में उनके कंटेन्ट पर औसत 3,43,000 व्यूज आते हैं. जबकि पीएम मोदी की वीडियो पर यही संख्या 56,000 है. इस रिपोर्ट के दावों की असल हक़ीक़त समझने के लिए सुनिए दिन भर में.

दिल्ली के पालम इलाके में आज एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. आग लगने से यहां 9 लोगों की मौत हो गई. पालम में चार मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगी थी. आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई. मकान में कुल 17 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता आग की चपेट में आने के कारण कई लोग अंदर फंस गए.

आज अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी का जनाज़ा निकाला गया. दावा है कि उनकी अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में 10 लाख से भी ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे और इस दौरान तेहरान के इंकलाब Square पर इस युद्ध में अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई. इजरायल और अमेरिका यही उम्मीद कर रहे थे कि अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान में सरकार विरोधी गुट सड़कों पर आएंगे और रिजीम चेंज के लिए नई कोशिशें शुरू होंगी. लेकिन अली लारीजानी के जनाज़े में इकट्ठा हुई इस विशाल भीड़ ने ये बता दिया कि ईरान में रिजीम चेंज करना बहुत मुश्किल काम है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.







