
राजस्थान चुनावः बीजेपी की पहली लिस्ट में 41 नाम, 12 सीटों पर बगावत के बाद जानिए क्या कर रहे बागी नेता?
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बीजेपी की पहली लिस्ट में सात सांसदों को भी टिकट दिया गया है. इन सांसदों का विरोध शुरू हो गया है. कई जगहों पर कार्यकर्ता इन सांसदों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं तो कहीं पर काले झंडे दिखाए जा रहे हैं.
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की 41 उम्मीदवारों की लिस्ट आने के बाद बगावत भी शुरू हो गई है. सूत्रों का कहना है कि बगावत की बड़ी वजह वसुंधरा राजे का खेमा है. माना जा रहा है कि पार्टी ने टिकट बंटवारे में वसुंधरा राजे के खेमे के नेताओं को साइडलाइन कर दिया और सर्वे के आधार पर टिकट बांटे.
पहली लिस्ट में सात सांसदों को भी टिकट दिया गया है. इन सांसदों का विरोध शुरू हो गया है. कई जगहों पर कार्यकर्ता इन सांसदों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं तो कहीं पर काले झंडे दिखाए जा रहे हैं.
बीजेपी ने जिन सात सांसदों को टिकट दिया है, उनमें- दिया कुमारी, राज्यवर्धन राठौर, बालकनाथ, देवजी पटेल, भागीरथ चौधरी और नरेंद्र कुमार हैं. इनमें से ज्यादातर को विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई अनुभव नहीं है.
बीजेपी की पहली लिस्ट में नौ ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव पार्टी से बगावत कर उसके खिलाफ ही लड़ा था. पहली लिस्ट आने के बाद सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी को बगावत का सामना करना पड़ रहा है.
1. झोटवाड़ा सीटः राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को टिकट मिलने के बाद पार्टी में ही उनका विरोध शुरू हो गया है. राजपाल सिंह शेखावत टिकट नहीं मिलने पर कार्यकर्ता नाराज हैं. रविवार को जब राज्यवर्धन प्रचार के लिए निकले तब उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. चुनाव प्रचार शुरू करने से पहले राज्यवर्धन जब जोबनेर स्थित ज्वाला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे तो वहां शेखावत के समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए. गुस्साए समर्थकों ने राठौड़ की गाड़ी को भी रोक दिया.
2. सांचोर सीटः देवजी पटेल देवजी पटेल जालौर सीट से तीन बार के सांसद हैं. पिछले हफ्ते पटेल जब सांचोर पहुंचे तो वहां लोगों ने विरोध करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया. बताया जा रहा है कि समर्थक दानाराम चौधरी को टिकट देने की मांग पर अड़े थे. इन समर्थकों ने पटेल को न सिर्फ काले झंडे दिखाए, बल्कि उनकी कार पर हमला भी कर दिया, जिससे उनकी कार के शीशे टूट गए.

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