
' राजनीति में सब संभव है...', CM योगी से मुलाकात और बीजेपी से गठबंधन पर बोले राजभर
AajTak
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात और बीजेपी के साथ गठबंधन की चर्चाओं पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि मेरे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी ख्वाइश है कि हमारी दिल्ली में मौजूदगी हो.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी से गठबंधन को लेकर कहा कि राजनीति में सब संभव है. सभी के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं. कोई रोक नहीं हैं. मेरी कोई बड़ी डिमांड नहीं है. सारी बात हमारी नहीं मानी जा सकती, हम उनकी सारी बात नहीं मान सकते. कुछ बात उनकी भी मानी जाएगी, कुछ हमारी भी मानी जाएगी, तो कमोबेश बात बन सकती है.
राजभर शुक्रवार को अपने परिचित बीजेपी नेता से मिले भदोही पहुंचे थे. यहां पर उनसे बीजेपी से गठबंधन पर सवाल पूछा कहा गया था, जिस पर उन्होंने कहा था कि हम उस स्थिति में यूपी में नहीं है तो दिल्ली में क्या बात करें. हमें दिल्ली में सरकार नहीं बनानी है लेकिन हमारी ख्वाइश है कि दिल्ली में हमारी उपस्थिति हो जाए.
देवगौड़ा, नायडू, मांझी, पासवान, राजभर में BJP को क्यों दिख रही उम्मीद?
इसके अलावा वाराणसी में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात की चर्चाओं पर राजभर ने कहा कि हमारी उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई. सर्किट हाउस में मेरा और उनका पहुंचना इत्तेफाक था. सूत्रों के हवाले से खबर चल रही है तो हम क्या करें? हमारी मुलाकात नहीं हुई और हमने उनसे मिलने की कोशिश भी नहीं की.
योगी गुरुवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे थे. इस दौरान वह वाराणसी दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी के भाई के रिसेप्शन पार्टी में शामिल हुए थे. इससे पहले सीएम योगी सर्किट हाऊस गए थे. बताया गया कि यहीं पर उनकी ओम प्रकाश राजभर के साथ करीब 25 मिनट तक बातचीत चली थी.
ओपी राजभर के बयान से ऐसा लग रहा है कि गठबंधन में उनके लिए सीटों की संख्या मायने नहीं रखती, बस वह सरकार में शामिल रहकर पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं. 2017 में राजभर ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था, हालांकि बाद में गठबंधन टूटा गया. इसके बाद राजभर सपा के साथ चले गए थे. हालांकि वहां से भी उन्होंने नाता टोड़ लिया था. लोकसभा चुनाव सामने आते ही एक बार फिर ओम प्रकाश राजभर और बीजेपी नेताओं के बीच नजदीकियां बढ़नी शुरू हो गई है.

नोएडा इंजीनियर मौत मामले में एसआईटी कह रही है कि जल्द सबसे सवाल-जवाब करके निष्पक्ष जांच रिपोर्ट दे दी जाएगी. लेकिन एक सवाल चश्मदीद की तरफ से उठ रहा है. वो चश्मदीद जो लगातार मीडिया को पहले बताते रहे कि पुलिस, दमकल, SDRF की टीम दो घंटे तक बचाने के लिए नहीं उतरी थी. लेकिन बाद में वो कुछ और बयान देते पाए गए. जानकारी मिली कि पुलिस ने उन्हें पांच घंटे तक बैठाकर रखा था. तो क्या ये दबाव बनाने की कोशिश थी? देखें खबरदार.

गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर गांव में 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 11 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही भरभराकर गिर गई. 19 जनवरी को टेस्टिंग के दौरान 9 लाख लीटर पानी भरते ही टंकी गिर गई, जिसमें एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हुए. मलबे से घटिया निर्माण सामग्री के संकेत मिले हैं. ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.









