
यूपी में पूर्वांचल पर भाजपा का फोकस
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भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जे.पी. नड्डा 28 फरवरी को पहली बार दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 फरवरी को बहराइच के चित्तौरा में महाराज सुहेलदेव के जरिए “मिशन पूर्वांचल” का आगाज कर चुके हैं.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा 28 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जे.पी. नड्डा पहली बार वाराणसी आएंगे. जे.पी. नड्डा वैसे तो भाजपा कार्यालय के उद्घाटन के लिए आ रहे हैं लेकिन दो दिवसीय दौरे के दौरान वह पूर्वांचल में भाजपा की पंचायत चुनाव की तैयारियों की परख भी करेंगे. इस दौरे के दौरान जे.पी. नड्डा वाराणसी के रोहनिया में बने भाजपा काशी क्षेत्र के नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे. भाजपा का यह नया दफ्तर पूर्वांचल का सबसे बड़ा पार्टी का मुख्यालय है. इसके बाद नड्डा पार्टी के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे. उनके कार्यक्रमों में काशी क्षेत्र के सभी 16 जिलों के पदाधिकारियों की बैठक, जनप्रतिनिधियों की बैठक और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रमुखों की बैठक शामिल है. दूसरे दिन नड्डा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाएंगे. इसके बाद मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रभारियों के साथ बैठक करके पूर्वांचल के मुद्दों की थाह लेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बसंत पंचमी के मौके पर 16 फरवरी को बहराइच के चित्तौरा में महाराज सुहेलदेव के जरिए “मिशन पूर्वांचल” का आगाज कर चुके हैं. प्रदेश में दलितों के बीच जाटव के बाद पासी सबसे प्रभावी जाति है. यूपी में पासी और राजभर बिरादरी को मिलाकर कुल 12 प्रतिशत आबादी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में कुल 170 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से 70 फीसद से अधिक सीटें वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीती थीं. इन सीटों में से 40 सीटें ऐसी हैं जिनमें पासी और राजभर बिरादरी की कुल आबादी 20 प्रतिशत से अधिक है. इस बिरादरी में पैठ बनाने के लिए आने वाले दिनों में भाजपा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रही है.
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