
'यूके-यूएस, फिनलैंड कहीं नहीं जाना, जल्द वतन वापसी का इरादा...', आजतक से बोले शेख हसीना के बेटे
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शेख हसीना आगे कहां जाएंगी? इस पर सजीब वाजेद ने कहा कि, 'बहुत सी गलत सूचनाएं हैं. शेख हसीना ने अभी तक कहीं भी शरण के लिए आवेदन नहीं किया है. न तो यूके, यूएस और न ही फ़िनलैंड में. अपने देश से इतनी दूर कहीं जाने की उनकी कोई योजना नहीं है.
इस्तीफा देकर देश से निर्वासित शेख हसीना की वापसी को लेकर उनके बेटे ने बड़ी बात कही है. शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने मीडिया बातचीत में कहा था कि, बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाल होते ही शेख हसीना बांग्लादेश वापस लौट आएंगी. हालांकि शेख हसीना का आगे का प्लान क्या है और वह कहां जाएंगी, कब तक लौटेंगी इन सवालों पर उनके बेटे ने आजतक से अपनी बात रखी है.
कहीं भी शरण के लिए नहीं किया है आवेदन शेख हसीना आगे कहां जाएंगी? इस पर सजीब वाजेद ने कहा कि, 'बहुत सी गलत सूचनाएं हैं. शेख हसीना ने अभी तक कहीं भी शरण के लिए आवेदन नहीं किया है. न तो यूके, यूएस और न ही फ़िनलैंड में. अपने देश से इतनी दूर कहीं जाने की उनकी कोई योजना नहीं है. उनका जल्द ही बांग्लादेश लौटने का इरादा है. वह अपनी राजनीतिक पारी जारी रखेंगी या संन्यास ले लेंगी, यह बाद की बात है.
शेख हसीना ने क्यों छोड़ा बांग्लादेश? क्या वह राजनीति में रहेंगी या राजनीति से हट जाएंगी? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है. पार्टी में फेरबदल की जरूरत है और वह उस पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. शेख हसीना ने बांग्लादेश क्यों छोड़ा इस सवाल के जवाब में उनके बेटे वाजेद ने कहा कि, जब हमने देखा कि हमारे नेता और कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं तो वह निराश हो गई थीं. हमने कहा कि हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता. उन्हें व्यवस्थित करना होगा, सुरक्षित रखना होगा. वह अवामी लीग की ताकत में दृढ़ता से विश्वास करती हैं और मजबूत वापसी की उम्मीद करती हैं.
ISI को ठहराया बांग्लादेश में अशांति के लिए जिम्मेदार इसके पहले शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश में अशांति की चिंगारी भड़काने के लिए आईएसआई को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है. उन्होंने शेख हसीना के बांग्लादेश लौटने की संभावनाओं पर बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाल होते ही उनकी मां अपने देश लौटेंगी. वह यकीनन वापसी करेंगी लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि वह सेवानिवृत्त नेता के रूप में लौटेंगी या फिर सक्रिय नेता के रूप में वापसी करेंगी.
'हम हमारे लोगों से मुंह नहीं मोड़ सकते' उन्होंने कहा कि शेख मुजीर्बुरहमान के परिवार के सदस्य अपने लोगों और अपनी पार्टी अवामी लीग को मझधार में नहीं छोड़ेंगे. अवामी लीग बांग्लादेश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी है, तो ऐसे में हम हमारे लोगों से मुंह नहीं मोड़ सकते. बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के बाद वह यकीनन वतन लौटेंगी.
पीएम मोदी का जताया आभार उन्होंने अपनी मां शेख हसीना की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का भी आभार जताते हुए बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के लिए दबाव बनाने का अनुरोध किया. जॉय ने कहा कि अपनी मां की सुरक्षा के लिए मैं भारत सरकार का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं. मैं पीएम मोदी का आभारी हूं. अगर भारत अपनी पूर्वी इलाके में स्थिरता चाहता है तो उन्हें अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाना होगा. बांग्लादेश में 'इंडिया आउट' कैंपेन के बारे में बात करते हुए जॉय ने कहा कि भारतविरोधी ताकतें बहुत एक्टिव हैं और अवामी लीग को सत्ता से बेदखल कर आईएसआई अब जितने चाहे उतने हथियारों की सप्लाई बांग्लादेश में कर सकती है.

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