
'यह महाकुंभ 144 साल बाद हो रहा तो 2013 में क्या था?', ममता ने उठाया सवाल... BJP ने किया पलटवार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि महाकुंभ 144 साल बाद हो रहा है… जैसा मैंने सुना है, 2013 में भी ऐसा हुआ था. यदि मैं गलत हूं तो कृपया मुझे सुधारें.
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाकुंभ में हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत को लेकर एक बार फिर यूपी सरकार को निशाने पर लिया. पूर्वी मिदनापुर के दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान उन्होंने महाकुंभ में यूपी सरकार के प्रबंधन पर कटाक्ष किया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'दीघा में सभी का स्वागत है, लेकिन मैं कोई हंगामा नहीं खड़ा करूंगी.'
ममता बनर्जी ने कहा, 'कहां कितने लोगों को बुलाया जा सकता है, इसकी क्षमता का पता होना चाहिए. मैंने कभी किसी धर्म को छोटा नहीं माना. मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं. क्या आपने दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ देखी है? हम निगरानी रखते हैं. घटना हो सकती है, लेकिन अगर हम घटना से सीखकर आगे की योजना नहीं बनाते हैं, तो लोगों को नुकसान होता है.'
ममता ने '144 साल बाद महाकुंभ' वाले दावे पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने प्रयागराज में हो रहा महाकुंभ 144 साल बाद आया है, इस दावे पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, 'गंगासागर मेले का आयोजन हर साल होता है. कुंभ हर 12 साल में एक बार होता है. जहां तक मेरी जानकारी है, पुरी के मंदिर में नीम की लकड़ी से बनी मूर्ति के कई नियम-कायदे हैं. जहां तक मुझे पता है, पुरी मंदिर में नीम की लकड़ी की मूर्ति हर 12 साल में एक बार बदल दी जाती है. हर जगह के अपने नियम होते हैं. तो, जो लोग कहते हैं कि ऐसा 144 साल बाद हो रहा है… जैसा मैंने सुना है, 2013 में भी ऐसा हुआ था. यदि मैं गलत हूं तो कृपया मुझे सुधारें.'
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'यह कहना सही नहीं है कि महाकुंभ 144 साल बाद हो रहा है. आप मीडिया को नियंत्रित कर रहे हैं, और कई लोग मारे गए हैं. भगदड़ में कई परिवारों की जान चली गई है. मैं उन लोगों पर टिप्पणी नहीं कर रही हूं जो डुबकी लगा रहे हैं. सबकी अपनी-अपनी मान्यता है. मैं भक्तों के बारे में कुछ नहीं कह रही हूं. धर्म व्यक्तिगत है. हर किसी को उसमें विश्वास करने की आजादी है, जिसमें उसकी आस्था है. यह कहना कि महाकुंभ 144 साल बाद होता है या 144 साल पहले हुआ था, सही नहीं है. हम उन लोगों से अनुरोध करते हैं जो जानकार हैं कि वे सही जानकारी प्रस्तुत करें.'

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