
यमुना आरती, आयुष्मान योजना और CAG रिपोर्ट पर फैसला... ऐसा बीता रेखा गुप्ता सरकार का पहला दिन
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Delhi Cabinet First Meeting: सीएम रेखा गुप्ता ने पहली कैबिनेट की बैठक के बाद कहा, ‘हमने दो एजेंडों पर चर्चा की और उन्हें पारित किया – दिल्ली में 5 लाख रुपये के टॉप-अप के साथ आयुष्मान भारत योजना को लागू की जाएगी और विधानसभा की पहली बैठक में सीएजी की 14 रिपोर्ट पेश की जाएंगी.'
शपथ लेने के बाद दिल्ली की नई सरकार एक्शन में आ गई है. सीएम रेखा गुप्ता के सामने अब चुनौती उन वादों को पूरा करने की है,जो पार्टी ने चुनाव के वक्त किए गए थे. हालांकि उस दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं.पहली कैबिनेट बैठक में ही आय़ुष्मान योजना को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा भी कैबिनेट ने कुछ अहम फैसले लिए.
दरअसल नई सरकार के सामने फिलहाल जो तीन प्रमुख चेलैंज हैं उनमें यमुना की सफाई, हर घर को 24 घंटे साफ पीने का पानी और दिल्ली की सड़कों की मरम्मत. इन्हीं 3 चैलेंज को दिल्ली की नई सीएम और उनकी कैबिनेट पूरा करने में जुट गई हैं. यमुना की सफाई का अभियान तो बीजेपी ने दिल्ली जीतते ही शुरु कर दिया था और शपथ लेने के बाद रेखा सरकार की कैबिनेट ने भी अपने कामकाज की शुरुआत यमुना आरती के साथ की है.
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आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा फैसला
कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान योजना को लागू करने का फैसला लिया.मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पांच लाख के टॉप अप के साथ लागू की जाएगी जिसमें पांच लाख रुपये का टॉप अप दिल्ली सरकार देगी और पांच लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से दिए जाएंगे. औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करने के बाद इसे लागू किया जाएगा.
दरअसल AAP के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार ने अभी तक AB-PMJAY योजना को लागू नहीं किया था. AB-PMJAY सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो भारत की आबादी के आर्थिक रूप से कमज़ोर 40 प्रतिशत हिस्से में से 12.37 करोड़ परिवारों के लगभग 55 करोड़ लाभार्थियों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है. हाल ही में, इस योजना का विस्तार करके 4.5 करोड़ परिवारों के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया है, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो.

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