
मौत पर सिर्फ 20 लेकिन Election rally में 2 लाख लोग मंजूर! नेताओं के दोहरे रवैए से खतरे में जनता
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एक तरफ चुनाव है, दूसरी तरफ कोरोना की तीसरी लहर का तनाव है. इसी चुनाव और तनाव के बीच हर सियासी पार्टी को इलेक्शन प्यारा है. सिर्फ 15 दिनों में देश में ओमिक्रॉन का खतरा 15 गुना बढ़ चुका है. 17 दिसंबर को ओमिक्रॉन के केस 100 के पार हुए थे, और अब आकड़ें 15 सौ पार हैं. देश के तकरीबन सभी राज्यों में ओमिक्रॉन की दस्तक हो चुकी है, लेकिन जनता की सलामती चुनने की जगह सर्वदलीय सहमति चुनाव चुनने पर लगी है. इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक तरफ जहां सरकार ने पाबंदियां लगाकर मौत पर सिर्फ 20 लोगों को अनुमति दी है वहीं चुनावी रैलियों में करीब 2 लाख लोगों तक की भीड़ दिखी. देखें वीडियो.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










