
मौत का त्योहार! यहां पैसे देकर ताबूत में लेटते हैं लोग, देखते हैं अपना ही अंतिम संस्कार
AajTak
जापान में 13 अप्रैल को टोक्यो के शिबुया जिले में मनाए जाने वाले छह दिवसीय डेथ फेस्टिवल को देखें तो लगता है कि मौत कोई इतनी भयानक चीज नहीं है. इसमें लोग लाश की तरह ताबूत में लेटकर अनोखा एहसास करते हैं.
दुनियाभर में लोग कई तरह के त्योहार मनाते हैं जैसे होली, टोमाटिना, हैलोवीन और दीवाली . इनमें कहीं एक दूसरे को टमाटर मारने तो कहीं आतिशबाजी करने की परंपरा है. वहीं हैलोवीन में तो लोग भूत का रूप धारण कर लेते हैं. वहीं कभी - कभी होने वाले फूड फेस्ट या म्यूजिक फेस्ट की तरह ही जापान में एक और अनोखा फेस्ट चर्चा में आ गया है. ये है डेथ फेस्टिवल यानी मौत का त्योहार.
लाश की तरह ताबूत में लेट जाते हैं लोग
दरअसल, 2023 में जापान में लगभग 1.6 मिलियन लोगों की मौत हो गई. ऐसे में देश के मीडिया ने इसे 'Era of high mortality' करार दिया है. लेकिन 13 अप्रैल को टोक्यो के शिबुया जिले में मनाए जाने वाले छह दिवसीय डेथ फेस्टिवल को देखें तो लगता है कि मौत कोई इतनी भयानक चीज नहीं है. इसमें लोग लाश की तरह ताबूत में लेटकर वर्चुअल रियलिटी ग्लासेज की मदद से मौत के बाद अपने अंतिम संस्कार को एक्सपीरिएंस कर सकते हैं. इसके अलावा मौत के बाद की दुनिया को एक्सप्लोर करने का भी लोगों में बहुत क्रेज है.
मौत के बाद की दुनिया
NGO, नई मीडिया कंपनियों और फ्यूनरल प्रोफेश्नल सहित टोक्यो स्थित संस्थाओं के एक संघ द्वारा शिबुया में ये डेथ फेस्टिवल आयोजित किया जाता है. 6 दिन के इस फेस्ट में लोगों को वर्चुअल रिएलिटी टेक्नीक का उपयोग करके मृत्यु के बाद की दुनिया का एहसास करने का मौका मिलता है. यहां खाना भी डेथ से इंस्पायर होता है.
मौत के सच का सामना करना

मैं चाय बेचकर खुश हूं. मुझे कॉरपोरेट गुलामी से छुटकारा मिल चुका है. पैसा कम है, लेकिन अपने काम में ज्यादा मजा है. इंटरनेट पर वायरल 'Chaiguy' के नाम में मशहूर इस शख्स ने बताया कैसे नौकरी से निकाले जाने के बाद भी वह अमेरिका में टिका हुआ है. इसी जद्दोजहद में वह भारत में वायरल भी हो गया और अब वह अपना सपना पूरा करना चाहता है.

Tulsi Puja Niyam: तुलसी का पौधा केवल पूजा के लिए ही नहीं होता, बल्कि यह सेहत, आसपास के माहौल और मन की शांति के लिए भी बहुत फायदेमंद है. घर में तुलसी लगाने से वातावरण अच्छा रहता है, हवा साफ होती है और मन को सुकून मिलता है. साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे जीवन में अच्छे बदलाव महसूस होते हैं.











