
मोबाइल लूटने का विरोध करने पर युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
AajTak
पुलिस उपायुक्त (उत्तरपूर्व) जॉय टिर्की ने कहा कि पुलिस टीमों ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान हर्ष विहार इलाके के निवासी मेजर (18), रोहित उर्फ रायता (19) और सूरज (20) के रूप में हुई है.
राजधानी में लूटपाट के दौरान एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, राजधानी के हर्ष विहार इलाके में मोबाइल लूटने का विरोध करने पर बदमाशों ने युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी. मृतक की शिनाख्त जगतपाल (30) के रूप में हुई है. जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने लूटपाट और हत्या का मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में तीन लोगों ने मोबाइल छीनने का विरोध करने पर एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई जब एक फैक्ट्री में काम करने वाला जगतपाल काम के बाद घर लौट रहा था. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "वह मिलन गार्डन में अपने घर के पास गंभीर रूप से घायल पाए गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया."
पुलिस उपायुक्त (उत्तरपूर्व) जॉय टिर्की ने कहा कि पुलिस टीमों ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान हर्ष विहार इलाके के निवासी मेजर (18), रोहित उर्फ रायता (19) और सूरज (20) के रूप में हुई है. मेजर और रोहित को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के शालीमार गार्डन से गिरफ्तार किया गया. टिर्की ने बताया कि इसके बाद सूरज को भी हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने स्कूल छोड़ दिया है और बेरोजगार हैं. डीसीपी ने कहा, अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए, वे छोटी-मोटी चोरियां करते थे. उन्होंने कहा कि अपराध की रात, आरोपी किसी लक्ष्य की तलाश में मिलन गार्डन इलाके में घूम रहे थे और उन्होंने जगतपाल को अकेले घूमते हुए देखा. उन्होंने तुरंत चाकू की नोक पर उसका मोबाइल फोन लूटने के लिए उसे घेर लिया लेकिन उसने विरोध किया.
उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने उसे चाकू मार दिया और भाग गए. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन और अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया एक बटन-चालित चाकू बरामद किया और आगे की जांच जारी है.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






