
मोदी सरकार की 9वीं वर्षगांठ पर नए संसद भवन का उद्घाटन! चल रही है तैयारी
AajTak
नए संसद भवन का उद्घाटन की तैयारियों को लेकर सुगबुगाहट होने लगी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे. महीनेभर पहले ही पीएम मोदी ने नए संसद भवन के निर्माण कार्य को जानने के लिए खुद निरीक्षण किया था. माना जा रहा है कि मई के आखिरी सप्ताह में नए संसद भवन का उद्घाटन हो सकता है.
नए संसद भवन के उद्घाटन का वक्त नजदीक आ गया है. मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर भव्य आयोजन के साथ नए संसद भवन का उद्घाटन हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे. मई के आखिरी सप्ताह में कार्यक्रम रखा जा सकता है.
बता दें कि 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. यही वजह है कि सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर नए संसद भवन का उद्घाटन किया जा सकता है. फिलहाल, नए संसद भवन के लिए मार्शल की नई ड्रेस होगी. यहां सुरक्षा के कड़े और नए सिरे से इंतजाम किए जाएंगे. चार मंजिला संसद भवन में 1224 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है.
पीएम मोदी दो बार कर चुके हैं नए संसद भवन का निरीक्षण
बताते चलें कि मार्च के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन का औचक निरीक्षण किया था. यहां काम के बारे में जानकारी ली थी. मोदी ने नए संसद भवन में एक घंटे से ज्यादा समय बिताया और श्रमिकों से भी बातचीत भी की थी. पीएम मोदी ने सितंबर 2021 में भी साइट का दौरा किया था. उन्होंने प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा परियोजना के स्थल पर लगभग एक घंटा बिताया था और नए संसद भवन की निर्माण स्थिति का निरीक्षण किया था.
पीएम ने 2020 में रखी थी आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2020 में नई संसद की आधारशिला रखी थी. टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड नए संसद भवन का निर्माण कर रहा है. इस भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक भव्य संविधान हॉल होगा और संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान भी होगा. परियोजना को पूरा करने की समय सीमा नवंबर, 2022 रखी गई थी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








