
मुसलमान भारत में कभी नहीं आने देंगे तालिबानी कल्चर, उदयपुर हत्याकांड पर बोले अजमेर दरगाह के दीवान
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इस घटना के बाद अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म मानवता के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है. विशेष रूप से इस्लाम धर्म में सभी शिक्षाएं शांति का संदेश देती हैं.
राजस्थान के उदयपुर में एक टेलर की हत्या के बाद तनाव देखने को मिल रहा है. इस घटना के बाद बयानबाजी भी तेज हो गई है. इस बीच, अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान ने इस घटना की निंदा की और कहा कि भारत के मुसलमान देश में कभी भी तालिबानी मानसिकता नहीं आने देंगे.
बता दें कि मंगलवार को उदयपुर में दो लोगों ने एक टेलर की गला रेतकर हत्या कर दी. घटना के बाद एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि वे इस्लाम के अपमान का बदला ले रहे हैं. बताया गया कि टेलर के 8 साल के बेटे ने नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था. इससे गुस्साए आरोपियों ने उसके पिता की बेरहमी से हत्या की है.
कोई भी धर्म हिंसा को बढ़ावा नहीं देता: दीवान
इस घटना के बाद अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन अली खान का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म मानवता के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा नहीं देता है. विशेष रूप से इस्लाम धर्म में सभी शिक्षाएं शांति का संदेश देती हैं. उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर सामने आए वीडियो में कुछ गैर-नैतिक दिमाग के लोगों ने एक गरीब आदमी पर क्रूर हमला किया, जिसे इस्लामी दुनिया में दंडनीय पाप के रूप में माना जाता है.
हिंसा के जरिए समाधान ढूंढना गलत
खान ने कहा कि आरोपी कुछ कट्टरपंथी समूहों का हिस्सा थे, जो हिंसा के रास्ते से ही समाधान ढूंढते हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं और सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं. उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान हमारी मातृभूमि में कभी भी तालिबानी मानसिकता को सामने नहीं आने देंगे.

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