
'मुंबई रेलवे स्टेशन पर पलायन करने वालों की भीड़' फर्जी वीडियो पर GRP ने दर्ज किया केस
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लॉकडाउन की आहट के बीच एक बार फिर से पलायन की खबरें आईं, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. जिससे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी भीड़ है. लेकिन जिन फ़ोटो और वीडियो को लेकर ये दावा किया गया, अब उसे ही रेलवे ने गलत बताया है.
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में फिर पाबंदियां लगनी शुरू हो गई हैं. लॉकडाउन की आहट के बीच एक बार फिर से पलायन की खबरें आईं, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. जिससे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी भीड़ है. लेकिन जिन फ़ोटो और वीडियो को लेकर ये दावा किया गया, अब उसे ही रेलवे ने गलत बताया है. #COVID19 | Streets in Mumbai wear a deserted look as weekend lockdown has been imposed in the city to contain the pandemic Visuals from near CST station pic.twitter.com/A5Drs0rjYw इसको लेकर रेलवे पुलिस (GRP) ने एक एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर अज्ञात लोगों पर दर्ज की गई है, जिन्होंने छत्रपति साहू जी महाराज टर्मिनस (CSMT) का फर्जी वीडियो शेयर किया. 7 अप्रैल को वायरल इस वीडियो में दिखाया गया कि CSMT रेलवे स्टेशन पर पलायन करने वाले लोगों की भारी भीड़ मौजूद है. ट्रेनों में भी भीड़ है.
दिल्ली के पालम इलाके में आज एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. आग लगने से यहां 9 लोगों की मौत हो गई. पालम में चार मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगी थी. आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई. मकान में कुल 17 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता आग की चपेट में आने के कारण कई लोग अंदर फंस गए.

आज अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी का जनाज़ा निकाला गया. दावा है कि उनकी अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में 10 लाख से भी ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे और इस दौरान तेहरान के इंकलाब Square पर इस युद्ध में अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई. इजरायल और अमेरिका यही उम्मीद कर रहे थे कि अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान में सरकार विरोधी गुट सड़कों पर आएंगे और रिजीम चेंज के लिए नई कोशिशें शुरू होंगी. लेकिन अली लारीजानी के जनाज़े में इकट्ठा हुई इस विशाल भीड़ ने ये बता दिया कि ईरान में रिजीम चेंज करना बहुत मुश्किल काम है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.







