
मुंबई में 18 साल की छात्रा वोट नहीं डाल पाएगी, जानें- चुनाव आयोग ने कोर्ट में क्यों किया विरोध
AajTak
मुंबई की 18 वर्षीय छात्रा को बीएमसी चुनाव में वोट डालने की अनुमति नहीं मिल पाएगी. छात्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नाम मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की थी. महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा के लिए मतदाता सूची निर्वाचन आयोग तैयार करता है और स्थानीय निकाय चुनाव में उसी सूची का उपयोग होता है. अदालत ने 6 नवंबर तक आगे की सुनवाई तय की है.
मुंबई में होने वाले बीएमसी चुनाव को लेकर एक अहम मामला सामने आया है. यहां 18 साल की एक छात्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की कि उसे मतदान करने का अधिकार दिया जाए. छात्रा की दलील थी कि उसने इस साल अप्रैल में 18 साल की उम्र पूरी कर ली है, इसलिए उसे आगामी बीएमसी चुनाव में मतदान करने का हक मिलना चाहिए. लेकिन महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने इस मांग का विरोध किया है और स्पष्ट कर दिया है कि अभी उसे वोट डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
याचिकाकर्ता रुपिका सिंह, जो कि प्रभादेवी की रहने वाली हैं और एमबीए टेक की छात्रा हैं, उन्होंने कोर्ट में कहा कि जब वह अब बालिग हो चुकी हैं, तो उन्हें स्थानीय निकाय चुनाव में वोट डालने का अवसर मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश देने की मांग भी की ताकि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके.
राज्य चुनाव आयोग का पक्ष
राज्य चुनाव आयोग की ओर से एडवोकेट आशुतोष कुम्भाकोनी ने पीठ के सामने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि भारत का चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग दो अलग संवैधानिक संस्थाएं हैं. लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची चुनाव आयोग तैयार करता है, जबकि स्थानीय निकाय चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य चुनाव आयोग की होती है. लेकिन ऐसा नहीं है कि राज्य आयोग अपनी खुद की सूची बनाए. बल्कि उसे वही सूची जैसी है वैसी ही लेनी होती है जो केंद्र चुनाव आयोग तैयार करता है.
कुम्भाकोनी ने स्पष्ट किया कि राज्य चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची अपडेट करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आखिरी मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2024 को तय की गई थी. राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी चुनाव के लिए 1 जुलाई 2025 को कट ऑफ तारीख घोषित की थी, जिसका नोटिफिकेशन 23 अगस्त 2025 को जारी हुआ था.
क्यों नहीं मिल पाएगा वोट का अधिकार

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







