
मुंबई में केबल टैक्सी चलाने की तैयारी, पद संभालते ही परिवहन मंत्री बोले- ये मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट
AajTak
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पद संभालते ही अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में बात की है. उन्होंने मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में ट्रैफिक कम करने के लिए केबल टैक्सी का प्रस्ताव रखा और कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है.
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में ट्रैफिक कम करने के लिए केबल टैक्सी का प्रस्ताव रखा और कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है. बता दें कि सरनाईक ने आज ही महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री का कार्यभार संभाला है.
उन्होंने कहा कि केबल टैक्सियां यूरोप के देशों में काफी लोकप्रिय हैं. सड़क परिवहन खत्म हो रहा है और मुंबई में सड़कों पर अधिक वाहनों के कारण सड़क की जगह कम होती जा रही है. हम जल परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं. लेकिन हमें परिवहन के नए रास्ते तलाशने होंगे और केबल टैक्सी बहुत ही सही विचारों में से एक है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि केबल टैक्सी मुंबई महानगर क्षेत्र में परिवहन का एक लोकप्रिय तरीका हो सकता है. यह केबल टैक्सी प्रणाली महाराष्ट्र में कहीं भी नहीं है. अगर हम 15-सीटर या 20-सीटर केबल टैक्सी चलाते हैं, तो ट्रैफिक नियंत्रण में आ जाएगा. अगर हम मेट्रो को जमीन के ऊपर चला सकते हैं तो केबल टैक्सी चलाना कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि आपको रोपवे स्थापित करने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होगी. सरनाईक ने कहा कि केबल टैक्सियों को महाराष्ट्र परिवहन विभाग के दायरे में आना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रणाली सही तरह से काम कर सके.
केबल टैक्सी क्या हैं?
केबल टैक्सी, जिन्हें पॉड टैक्सी के नाम से जाना जाता है, छोटी और चालक रहित गाड़ियां होती हैं, जिन्हें एक निश्चित संख्या में यात्रियों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. केबल टैक्सी गाइडवे के नेटवर्क पर काम करती हैं, जो खंभों या ओवरहेड केबलों पर ऊपर की ओर होते हैं.
2017 में बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने शहर के ट्रैफिक से बचने के लिए पॉड टैक्सी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, कर्नाटक सरकार ने ज्यादा लागत और सिस्टम की व्यवहार्यता पर चिंताओं के कारण 2018 में प्रस्ताव को रद्द कर दिया.

युवराज की मौत, 3000 करोड़ बकाया और बिल्डर–प्राधिकरण की लापरवाही... नोएडा हादसे के पीछे की पूरी कहानी
नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जिसके मुताबिक, FIR में नामजद बिल्डर पर 3000 करोड़ का बकाया है. लगातार शिकायतों के बावजूद नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही भी सामने आई है. अब इस मामले की जांच में CBI-ED की एंट्री भी हो गई है.

13 जनवरी को अमेरिका ने ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर ली थी. ट्रंप ने कई विकल्पों पर विचार कर हमले की तैयारी के आदेश दे दिए थे. लेकिन ट्रंप का अंतिम आदेश आता उससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के पास दो अहम कॉल आए. एक इजरायल के पीएम का और दूसरा सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान का. इसके बाद ट्रंप को पीछे हटना पड़ा.

गुजरात में सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद जनता का मिजाज क्या है, इसे लेकर WeePreside और CIF के राज्यव्यापी सर्वे के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं. 40 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत पर आधारित इस सर्वे में बीजेपी की बढ़त बरकरार दिखती है जबकि AAP दूसरे नंबर पर उभरती नजर आती है और कांग्रेस पीछे चल रही है.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने वाला है. कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. इस घोषणा के बाद दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तेज़ हलचल देखने को मिली है. नितिन नबीन की बहन ने आजतक से बातचीत में क्या बताया? देखें वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है. पत्र का कुछ हिस्सा लीक हो गया है जिससे पता चला है कि ट्रंप शांति पुरस्कार न मिलने से झुंझलाए हुए हैं. वो कह रहे हैं कि दुनिया की शांति उनकी जिम्मेदारी नहीं है और वो ग्रीनलैंड को किसी भी तरह से अपने कब्जे में करेंगे.

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने लंबित मामलों और सुनवाई केंद्रों की कमी पर चिंता जताई. कोर्ट ने 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने पर कड़ी टिप्पणी की और सूची सार्वजनिक करने का निर्देश दिया. टीएमसी सांसद ने राजनीतिक दलों के BLAs को सुनवाई से दूर रखने का आरोप लगाया. चुनाव आयोग ने सफाई दी कि नाम हटाने का फैसला नहीं हुआ है. सुनवाई जारी है.

ग्रेटर नोएडा हादसे के चश्मदीद मनिंदर ने दावा किया कि युवराज को बचाने की कोशिश के बाद उन्हें पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया. मनिंदर का कहना है कि उन्होंने जो देखा, जो किया वही फिर से पुलिस वालों को बताया. वह कहते हैं कि इसके बाद भी उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है. उनका आरोप है कि बड़े बिल्डर खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.






