
मिर्च पाउडर, जादू-टोने का सामान और नकली चाबी..., मैनेजर ने इस तरह की अपने बैंक में 53 करोड़ की डकैती
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गिरफ्तारी से बैंक के जमाकर्ताओं को राहत मिली है, जिनमें से कई ने अपने कीमती सामान वापस पाने की उम्मीद छोड़ दी थी. अब जब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हो जाएगा.
कर्नाटक के विजयपुरा जिले में मई के अंत में हुई ₹53.26 करोड़ की बहुचर्चित कैनरा बैंक डकैती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इस मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर विजयकुमार मिरियाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मैनेजर ने पूरी साजिश रचकर 59 किलो सोना और ₹5.3 लाख नकद चोरी कराई.
यह चोरी 23 से 25 मई के बीच मणगुली गांव की कैनरा बैंक शाखा में हुई थी. आरोपियों ने पहले बिजली और सीसीटीवी के तार काटे फिर खिड़की की ग्रिल हटाई और बिना किसी नुकसान के लॉकर से सोना निकाल ले गए. उन्होंने गैस कटर जैसे कोई औजार इस्तेमाल नहीं किए बल्कि उन्होंने उसी शाखा में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रबंधक द्वारा पहले बनाई गई डुप्लिकेट चाबी का उपयोग किया.
कई महीने पहले बना ली थी योजना
पुलिस जांच से पता चला कि विजयकुमार ने महीनों पहले ही डकैती की सावधानीपूर्वक योजना बना ली थी. उसने बैंक के पूर्व कर्मचारी चंद्रशेखर नेरेला, जो अब ठेकेदार और कैसीनो का संचालक है और सुनील मोका (विजयकुमार के सहायक) को साथ में ले लिया.
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पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिर्च पाउडर फैलाकर खोजी कुत्तों को गुमराह किया और काले जादू से जुड़े सामान भी मौके पर छोड़ दिए ताकि पुलिस भ्रमित हो जाए.

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