
मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर दी बड़ी जिम्मेदारी, BSP का चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया, चुनाव कैंपेन को करेंगे लीड
AajTak
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद एक बार फिर मुख्य धारा की राजनीति में लौट आए हैं. रविवार को पार्टी की हाईलेवल मीटिंग में आकाश को लेकर फैसला लिया गया. अब आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आकाश को तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर रिपोर्ट करेंगे. आज की बैठक से पहले आकाश को मायावती के साथ साए की तरह देखा गया.
सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनाव में आकाश आनंद पार्टी के प्रचार की कमान भी संभालेंगे. बसपा में फिलहाल तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं. इनके ऊपर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद रहेंगे.
जिन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, उनमें राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, रणधीर बेनीवाल और राजाराम का नाम शामिल है. रामजी गौतम संगठन में बिहार प्रदेश के प्रभारी भी हैं. आकाश आनंद की सियासी जिम्मेदारी बढ़ाने के फैसले से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है.
पार्टी को आगामी चुनाव में मिलेगी मजबूती
बसपा सूत्रों का कहना है कि आकाश आनंद की इस नई भूमिका से पार्टी को आगामी चुनावों में मजबूती मिलेगी. आकाश आनंद पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार के तौर पर कार्य करेंगे और चुनावी रैलियों में बसपा की नीतियों का प्रचार-प्रसार करेंगे.
यह भी पढ़ें: आकाश आनंद का कौन मजाक बना रहा है, क्या BSP में मायावती के भतीजे की लाइन जीरो से शुरू रही है?

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










