
महिलाओं से दूरी कैसे हेट मूवमेंट में बदल गई, क्या अमेरिका Incel को घरेलू आतंकवाद मानने की तैयारी में?
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साल 2025 में जो शब्द इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजे गए, उनमें इन्सेल (Incel) भी एक रहा. यह टर्म ऐसे लोगों के लिए है, जो चाहते हुए भी महिला साथी नहीं खोज पाते. ऐसे लोगों ने ऑनलाइन समूह बना लिए जो धीरे-धीरे हेट ग्रुप में बदल गए. ये इतने खतरनाक हैं कि रूस जैसे कई देशों में इनपर प्रतिबंध लगने लगा.
साल 2025 बीतने को है. इससे पहले तमाम ट्रेडिंग चीजों के बीच शब्दों की भी बात होती है, जो गूगल पर ज्यादा सर्च किए गए. इन्हीं में से एक टर्म है इन्सेल (Incel). यह शब्द उनके लिए इस्तेमाल होता है जो महिलाओं को आकर्षित नहीं कर पाते और अनचाहे ही उनसे दूर हो जाते हैं. अकेले पड़े पुरुषों ने मिलकर ऑनलाइन बिरादरी बना ली, जो महिलाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है. यह बाकायदा ऑनलाइन अभियान बन चुका.
तो आखिर इन्सेल है क्या इन्सेल वे पुरुष हैं जो खुद को इनवॉलंटरी सेलिबेट यानी अनचाहे ही अविवाहित या बिना रिलेशनशिप का पाते हैं. यह ऑनलाइन ग्रुप है. इस सोच वाले कई पुरुष महिलाओं से गहरी नाराजगी रखते हैं. उन्हें लगता है कि उनके जीवन में प्यार की कमी के लिए महिलाएं जिम्मेदार हैं. वे यौन संबंधों को भी अपना हक मानते हैं, फिर महिलाएं ये चाहें या न चाहें. इन्हीं में से एक चरमपंथी हिस्सा महिलाओं के खिलाफ हिंसा की वकालत भी करता है, हालांकि सारे वैसे नहीं.
इस मूवमेंट की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी. शुरुआत में यह कोई नफरती ग्रुप नहीं था, बल्कि कनाडा की एक महिला ने एक वेबसाइट बनाई थी, जहां ऐसे लोग अपने अनुभव रख सकें जिन्हें रिश्ते बनाने में दिक्कत होती थी. इनवॉलंटरी सेलिबेट शब्द यहीं पर आया था.
जल्द ही ये कम्युनिटी बढ़ने लगी. इससे पुरुष ज्यादा जुड़ने लगे. वक्त के साथ इसकी टोन बदली. पुरुषों ने अपनी निजी परेशानियों और रिश्तों के टूटने का दोष महिलाओं पर डालना शुरू किया. ऑनलाइन फोरम में हेट स्पीच बढ़ती चली गई. पिछले दो दशकों में सोशल मीडिया साइट्स पर इन्सेल ज्यादा सक्रिय हो गए.
चूंकि ये समूह इमोशन्स बांटने के नाम पर काम करते हैं तो तुरंत इनकी गतिविधियां समझ नहीं आतीं. इनमें भी एक्सट्रीमिस्ट होते हैं, जो पहचान छिपाकर भी काम करते हैं. ये नाराजगी को हिंसक रूप देने के लिए बाकी मॉडरेट सदस्यों को भी उकसाते रहते हैं और इसपर सुझाव भी देते हैं कि हमले कैसे किए जाएं.
ऐसी कुछ घटनाएं - साल 2018 में एक कनाडाई युवक, जो खुद को इन्सेल बताता था, ने वैन चढ़ाकर लोगों को कुचल दिया. हमले से पहले उसने इन्सेल विचारधारा को सपोर्ट किया था. - अमेरिका में 22 साल के युवक ने महिलाओं पर गोलीबारी की. उसने भी पहले इन्सेल समर्थन में वीडियो बनाया था. - जर्मनी में एक व्यक्ति, जो ऑनलाइन इन्सेल फोरम पर सक्रिय था, ने महिलाओं को निशाना बनाने की कोशिश की, हालांकि वो पकड़ा गया.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







