
ललित मोदी-विजय माल्या का लंदन से प्रत्यर्पण का केस कहां तक पहुंचा? ये है दोनों के घोटालों की पूरी कहानी
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भारत में वॉन्टेड ललित मोदी और विजय माल्या के लंदन से प्रत्यर्पण की कोशिशें लगातार जारी हैं. लेकिन मामला वहां की अदालत में अटका हुआ है. जानें, क्या है इन भगोड़ों के केस का हाल? और साथ में IPL और किंगफिशर एयरलाइंस घोटालों की पूरी कहानी.
ललित मोदी और विजय माल्या भारत के दो प्रमुख आर्थिक अपराधी हैं, जिन पर करोड़ों रुपये के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं. ललित मोदी को आईपीएल (IPL) से जुड़ी फाइनेंशियल अनियमितताओं के लिए, जबकि विजय माल्या को किंगफिशर एयरलाइंस के लोन डिफॉल्ट के लिए जाना जाता है. दिसंबर 2025 तक, उनके प्रत्यर्पण का मामला आगे तो बढ़ा है, लेकिन अभी तक इसमें कामयाबी नहीं मिली. हाल ही में दोनों का एक वीडियो चर्चाओं में है, जिसमें दोनों ने खुद को 'भारत के सबसे बड़े फ्यूजिटिव' कहा है. चलिए जान लेते हैं भारत के इन दोनों भगोड़ों की पूरी कहानी.
ललित मोदी की कहानी ललित मोदी आईपीएल के संस्थापक और पहले कमिश्नर थे, जिन्होंने 2008 में इस लीग को शुरू किया था. IPL ने क्रिकेट को व्यावसायिक रूप दिया और अरबों रुपये का कारोबार किया. लेकिन 2010 में IPL के तीसरे सीजन के बाद उन पर गंभीर आरोप लगे. BCCI ने उन्हें मिसकंडक्ट, अनुशासनहीनता और फाइनेंशियल अनियमितताओं के लिए सस्पेंड कर दिया. मोदी पर IPL फ्रेंचाइजी बिडिंग में धांधली और फंड्स के दुरुपयोग का इल्जाम था. साल 2013 में BCCI ने उन पर लाइफटाइम बैन लगा दिया.
IPL घोटाला: मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप साल 2010 में IPL के दौरान ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स एवेजन के आरोप लगे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि IPL फ्रेंचाइजी आवंटन में Rs 125 करोड़ से ज्यादा का फंड मोदी के पास पहुंचा. BCCI ने शिकायत की कि मोदी और अन्य ने Rs 468 करोड़ का दुरुपयोग किया है. मोदी पर बेटिंग, मैच फिक्सिंग और ब्लैक मनी जनरेशन के भी इल्जाम थे. टैक्स और फॉरेन एक्सचेंज जांचकर्ताओं ने उनके ठिकानों पर रेड की. मोदी ने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ती रही.
मोदी ने भारत से भाग कर लंदन में ली शरण साल 2010 में जांच के दौरान ललित मोदी भारत छोड़कर लंदन भाग गया. उसने दावा किया कि उसे जान का खतरा है. भारत सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED के जरिए उनके खिलाफ केस दर्ज किया. इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस मांगा गया, लेकिन 2017 में इंटरपोल ने सबूत कमजोर बताकर रिजेक्ट कर दिया. हालांकि, ED की जांच जारी रही और सिंगापुर से जानकारी मांगी गई, लेकिन गलत डेटा के कारण एक साल देरी हुई. मोदी ने वानुअतु की सिटीजनशिप ली, जो प्रत्यर्पण से बचाव का तरीका था.
ललित मोदी प्रत्यर्पण केस के हालात दिसंबर 2025 तक, ललित मोदी का प्रत्यर्पण केस लंदन कोर्ट में पेंडिंग है. भारत सरकार ED और CBI के जरिए प्रयास कर रही है. मोदी पर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के कई केस हैं. हाल ही में विजय माल्या के साथ एक पार्टी वीडियो वायरल हुआ, जहां दोनों ने खुद को फ्यूजिटिव कहा, जिससे उनकी आलोचना भी हुई. सरकार का कहना है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी है, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं आया. मोदी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और आरोपों का खंडन करते रहते हैं.
मोदी के घोटाले का असर ललित मोदी के IPL घोटाले ने भारतीय क्रिकेट पर गहरा असर डाला. BCCI की छवि खराब हुई और IPL में पारदर्शिता के सवाल उठे. करोड़ों रुपये के फंड्स का दुरुपयोग होने से निवेशकों का विश्वास डगमगाया. ED की जांच में पाया गया कि विदेशी कंपनियों के जरिए पैसे ट्रांसफर हुए. मोदी पर सरकारी मंत्रियों से सांठगांठ के भी आरोप लगे. इस घोटाले ने भारत में स्पोर्ट्स बिजनेस में सुधार की मांग बढ़ाई.

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