
महाशिवरात्रि: शिव और शक्ति के मिलन की दिव्य कथा, जानिए कैसे हुए शिव-पार्वती का मिलन? Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि क्यों इतनी शक्तिशाली? ज्योतिषाचार्य से जानिए पूजा विधि, शुभ योग और शिव कृपा का पूरा रहस्य?
ABP News
Mahashivratri Story: महाशिवरात्रि से जुड़ी शिव-पार्वती की विवाह कथा जो सच्चे प्रेम का प्रतीक है. यह पर्व सच्चे प्रेम को पाने से पहले खुद को बदलने की आध्यात्मिक कथा है.
तपसा हि शुद्ध्यन्ति देहा न संशयः भक्त्या तु लभ्यते देवः शंकरः शाश्वतः।
अर्थ- तपस्या से शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं, भक्ति से आपको शाश्वत शंकर की प्राप्ति होती है.
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर रात पर दीयों के रोशनी में जगमगाते हैं, घंटियां गूंजती हैं. भक्त हाथ जोड़कर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हैं. कई लोग इसे शिव और पार्वती की विवाह की रात कहते हैं, लेकिन इस भव्य उत्सव के पीछे बेहद ही शक्तिशाली कहानी छिपी है. यह मात्र साधारण विवाह नहीं है, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का दिव्य दिन है.
महान तपस्वी शिव संसार के स्वामी सती को खोने के बाद विरक्त हो गए थे. सती माता के जाने का दुख उन्हें अंतर्मुखी (introvert) बना दिया था. जिस वजह से वे गहरी साधना में लीन हो गए समाज से विरक्त होकर और फिर पार्वती मां आई.

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