
महाराष्ट्र: शिक्षक की करतूत, पहली से पांचवीं कक्षा के 7 छात्राओं के साथ स्कूल में की दरिंदगी
AajTak
महाराष्ट्र के जिला परिषद स्कूल में कार्यरत 49 साल के टीचर ने अपने ही स्कूल की पहली से पांचवीं कक्षा के 7 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है. कोई छात्रा माता-पिता या किसको कुछ ना बताए, उसके लिए मासूम बच्चियों को मारने की धमकी देता था. इस पूरे वारदात की जानकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक बच्ची ने अपने घर में बताई.
महाराष्ट्र में चंद्रपुर के जीवति तहसील के हीरापुर में एक शिक्षक की कथित दरिंदगी ने हर किसी को हैरान कर दिया. जिला परिषद स्कूल में कार्यरत 49 साल के टीचर ने अपने ही स्कूल की पहली से पांचवीं कक्षा के 7 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है.
छात्रों के मुताबिक, यह शिक्षक उन्हें किसी न किसी बहाने अकेले में बुलाकर उनके शरीर के अंगों को स्पर्श करता था और उनका शारीरिक शोषण करता था. यह पूरा मामला पिछले एक साल से चल रहा था. स्कूल में कड़े स्वभाव वाले इस शिक्षक का दबदबा था, जिससे बच्चे भी खौफ खाते थे. पिछले एक साल से आरोपी स्कूल की पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाओं से अभद्रता करता. मौका देखकर जब कोई नहीं रहता, तो उन लड़कियों के साथ दरिंदगी करता.
कोई छात्रा माता-पिता या किसको कुछ ना बताए, उसके लिए मासूम बच्चियों को मारने की धमकी देता. इस पूरे वारदात की जानकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक बच्ची ने अपने घर में बताई. ये पूरा इलाका जिले के अति दुर्गम इलाके में है. यहां गरीब और आदिवासी समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं.
जिले के एडिशनल एसपी अतुल कुलकर्णी ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाली 7 बच्चों के साथ इस शिक्षक ने अश्लील हरकत की. परिवार वालों और बच्चों की शिकायत पर इस शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









