
महाराष्ट्र: भारत-पाकिस्तान T20 मैच को लेकर भड़का उद्धव ठाकरे गुट, कहा- 'खून और खेल...'
ABP News
India-Pakistan T20 World Cup: शिवसेना उद्धव गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि हम बार-बार कह रहे हैं कि इंडिया का न तो पाकिस्तान के साथ और ना ही इंडिया का बांग्लादेश के साथ मैच होना चाहिए.
भारत-पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच को लेकर उद्धव गुट के नेता ने प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि हमने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होना चाहिए. हमने बार-बार कहा है कि इंडिया का न तो पाकिस्तान के साथ मैच होना चाहिए और ना ही इंडिया का बांग्लादेश के साथ मैच होना चाहिए. फिर भी अब ये मैच हो रहे हैं. क्यों हो रहे हैं, कैसे हो रहे हैं. पैसे कमाए जाएंगे, इसमें क्या होगा? हमें इसके बारे में नहीं पता है. लेकिन हमारी एक ही भावना है कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते तो खून और खेल साथ नहीं बहेंगे.
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, ''एक तरफ पाकिस्तान धमकी देते है कि भारत के साथ मैच नहीं खेलेंगे. दो कौड़ी का भिखारी देश कटोरा लेकर घूम रहा है और जब उसको लगता है कि इस मैच को न खेलने से हमारे पैसे को नुकसान होंगे तो फिर वो खेलता है और हम एकदम मूकदर्शक बनकर बैठे हैं. मतलब हम उसके हिसाब से चलेंगे? वो कहेगा कि नहीं खेलेंगे तो हम चुप हो जाएंगे. वो कहेगा कि खेलेंगे तो खुश हो जाएंगे. ये बीसीसीआई क्या कर रही है. आईसीसी का जय शाह क्या कर रहा है?''
उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए आगे कहा, ''हम खेल के बहुत समर्थन के लोग हैं लेकिन पाकिस्तान के साथ नहीं. बाकी बहुत सारे देश हैं, यूएई है, ऑस्ट्रेलिया है, साउथ अफ्रीका है, दुनिया भर की टीमें हैं. हम सभी के साथ मैच खेलते हैं. श्रीलंका के साथ खेलते हैं, अब तो नेपाल भी खेलने लगा है, बहुत सारे देश हैं लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ मैच क्यों? एक तरफ वो हम पर हमले करे, हमारी माताओं और बहनों की सिंदूर उजाड़े और हम उनके साथ मैच खेलें.
आनंद दुबे ने जोर देते हुए कहा कि हमें पाकिस्तान के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहिए. पाकिस्तान एक आतंकपरस्त देश है. उसके साथ किसी भी प्रकार का मैच हमें नहीं खेलना चाहिए. फिर भी ये मैच हो रहा है तो ठीक है. भारत के लोग बीसीसीआई से पूछेंगे. हमारी पहली पार्टी है जो पाकिस्तान के खिलाफ पिच खोद दिया करती थी. आपको याद है कि नहीं. अब चूकि इतने नियम कानून हैं कि पिच खोदने जाएंगे तो आप हमें उठाकर अंदर कर देंगे लेकिन कम से कम हम विरोध तो दर्ज करा ही सकते हैं.''













