
महायुति में 'जनता दरबार' पर रार! शिवसेना नेता से बोला हाईकोर्ट- सीधे मंत्री को बताओ अपनी शिकायत
AajTak
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गणेश नाइक (BJP मंत्री) के 'जनता दरबार' को चुनौती देने वाली शिवसेना (शिंदे गुट) की PIL पर सुनवाई की. याचिका में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर वेतन कटौती की मांग की गई थी. कोर्ट ने कहा कि वह अधिकारियों को दरबार में जाने से नहीं रोक सकता.
बॉम्बे हाई कोर्ट में मंगलवार को एक दिलचस्प वाकया सामने आया, जहां वरिष्ठ BJP नेता और राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक द्वारा आयोजित 'जनता दरबार' (लोगों की अदालत) को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई.
हाई कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया कि वह चुनावी प्रतिनिधियों को जनता दरबार न करने का आदेश नहीं दे सकती. कोर्ट ने कहा कि इसके बजाय याचिकाकर्ता को स्वयं दरबार में जाकर मंत्री को इसे बंद करने के लिए कह सकते हैं.
मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड़ की पीठ शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के जिला अध्यक्ष किशोर पाटकर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने कहा, “हम कैसे अधिकारियों से कह सकते हैं कि वे जनता दरबार में न जाएं?”
याचिकाकर्ता का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया था कि नाईक के जनता दरबार में NMMC, CIDCO और अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति रहती है, जिससे उनके नियमित कार्य प्रभावित होते हैं. पाटकर ने यह भी मांग की थी कि जनता दरबार में अधिकारियों का समय अनुपस्थिति माना जाए और वेतन कटौती हो.
यह भी पढ़ें: बीजेपी और शिंदे गुट में बढ़ा तनाव? फडणवीस की शिवसेना को नसीहत- गठबंधन धर्म का पालन करें

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.










