
महादेव ऐप घोटाले में नया अपडेट, प्रमोटर रवि उप्पल जांच के बीच UAE से फरार
AajTak
6000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप घोटाले का एक मुख्य आरोपी और इसका प्रमोटर रवि उप्पल कथित तौर पर लापता है. माना जा रहा है कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भाग गया है.
महादेव ऑनलाइन ऐप मामले में नया अपडेट आया है. ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल और सह-मालिक सौरभ चंद्राकर इस मामले से जुड़े मुख्य आरोपी हैं. रवि उप्पल कथित तौर पर लापता है और इस तरह की बातें भी कही जा रही हैं कि वह यूएई से फरार हो गया है.
यह मामला 6000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप घोटाले से संबंधित है. यह पूरा घटनाक्रम यूएई से जुड़ा हुआ है. रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोपी के रूप में नामजद किया गया था.
रवि उप्पल, दिसंबर 2023 में यूएई अधिकारियों द्वारा संक्षिप्त रूप से हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया था.
केंद्रीय एजेंसियां कर रहीं जांच
महादेव ऐप घोटाला एक ₹6000 करोड़ का मामला है, जिसकी जांच संयुक्त रूप से सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) द्वारा की जा रही है. सीबीआई ने अगस्त में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज एफ.आई.आर. (FIR) की जांच अपने हाथ में ली थी. इस एफआईआरमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था. दोनों प्रमुख जांच एजेंसियों, सीबीआई और ईडी ने अब तक इस नए घटनाक्रम पर कोई जानकारी साझा नहीं की है.
यह भी पढ़ें: महादेव ऐप घोटाला: दुबई में सौरभ चंद्राकर नजरबंद, हजारों करोड़ के घोटालेबाज को जल्द लाया जा सकता है भारत

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







