
महाकुंभ, गणतंत्र दिवस से ISRO तक... 2025 की पहली 'मन की बात' में PM मोदी की बड़ी बातें
AajTak
पीएम मोदी ने कहा सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इस बार का गणतंत्र दिवस बहुत विशेष है. ये भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ है. इस वर्ष संविधान लागू होने के 75 साल हो रहे हैं. मैं संविधान सभा के उन सभी महान व्यक्तित्वों को नमन करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 118वें एपिसोड में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले एक विशेष संदेश दिया. यह पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का इस साल का पहला एपिसोड था. 'मन की बात' का प्रसारण आमतौर पर हर महीने के आखिरी रविवार को होता है. इस महीने का आखिरी रविवार, 26 जनवरी को पड़ रहा है, जिस दिन गणतंत्र दिवस है. इसी कारण एक सप्ताह पहले ही पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण हो गया.
पीएम मोदी ने कहा सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, 'इस बार का गणतंत्र दिवस बहुत विशेष है. ये भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ है. इस वर्ष संविधान लागू होने के 75 साल हो रहे हैं. मैं संविधान सभा के उन सभी महान व्यक्तित्वों को नमन करता हूं, जिन्होंने हमें हमारा पवित्र संविधान दिया.' पीएम मोदी ने 25 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला.
मन की बात में पीएम मोदी ने की ECI की तारीफ
उन्होंने कहा, '25 जनवरी को नेशनल वोटर्स डे है. ये दिन इसलिए अहम है, क्योंकि इस दिन भारतीय निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी. हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान में हमारे चुनाव आयोग को, लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी को, बहुत बड़ा स्थान दिया है. मैं चुनाव आयोग का भी धन्यवाद दूंगा, जिसने समय-समय पर, हमारी मतदान प्रक्रिया को आधुनिक बनाया है, मजबूत किया है. आयोग ने जन-शक्ति को और शक्ति देने के लिए, तकनीक की शक्ति का उपयोग किया. मैं चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव के उनके कमिटमेंट के लिए बधाई देता हूं.'
यह भी पढ़ें: 'यह विविधता में एकता का उत्सव', PM मोदी ने 'मन की बात' मेें समझाया महाकुंभ का महत्व, देखें
महाकुंभ मेले के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'प्रयागराज में महाकुंभ का श्रीगणेश हो चुका है. चिरस्मरणीय जनसैलाब, अकल्पनीय दृश्य और समता-समरसता का असाधारण संगम. इस बार कुंभ में कई दिव्य योग भी बन रहे हैं. कुंभ का ये उत्सव विविधता में एकता का उत्सव मनाता है. संगम की रेती पर पूरे भारत के, पूरे विश्व के लोग जुटते हैं. हजारों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में कहीं भी कोई भेदभाव नहीं, जातिवाद नहीं. कुंभ, पुष्करम और गंगा सागर मेला- हमारे ये पर्व, हमारे सामाजिक मेल-जोल को, सद्भाव को, एकता को बढ़ाने वाले पर्व हैं. ये पर्व भारत के लोगों को भारत की परंपराओं से जोड़ते हैं.'

मथुरा में गोरक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि गोत्सकरों ने फरसा बाबा को गाड़ी से कुचल दिया जिसके बाद उनकी मौत हो गई. अब सीएम योगी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अफसरों को कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है साथ ही कहाकि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.











