
महबूबा मुफ्ती को तीन साल बाद मिला पासपोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट में लड़ी थी लंबी लड़ाई, जानें पूरा मामला
AajTak
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पासपोर्ट मिल गया है. उन्होंने इसको लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसी साल उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की थी.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती को तीन साल की कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद 10 साल के लिए पासपोर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए 2019 से महबूबा मुफ्ती के पासपोर्ट को रिन्यू करने इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था.
हाई कोर्ट ने इस साल मार्च में एक आदेश में कहा था कि पासपोर्ट प्राधिकरण को नया पासपोर्ट जारी करने पर तीन महीने के भीतर फैसला करना चाहिए. पूर्व सीएम को अपना नया पासपोर्ट अपनी बेटी की याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में इस सप्ताह होने वाली सुनवाई से कुछ दिन पहले ही मिला है.
महबूबा की बेटी इल्तिजा को दो साल के लिए सीमित देशों की यात्रा के लिए पासपोर्ट मिला था. पासपोर्ट प्राधिकरण के इस फैसले को इल्जिता ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने सशर्त पासपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और सभी देशों के लिए 10 साल की वैधता के साथ नियमित पासपोर्ट के साथ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
10 साल के लिए वैध है नया पासपोर्ट
जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले राज्य की मुख्यमंत्री रहीं महबूबा को जो नया पासपोर्ट मिला है, वह एक जून, 2023 से 31 मई, 2033 तक वैध है. दिल्ली हाई कोर्ट में उन्होंने कई याचिकाएं लगाईं थीं, जिसके बाद जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने इस साल मार्च में आदेश दिया था कि महबूबा को नया पासपोर्ट जारी करने के लिए प्राधिकरण को तीन महीने के भीतर फैसला करना चाहिए.
विदेश मंत्री से की थी हस्तक्षेप की अपील

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.









